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लक्ष्य के लिए हो दौड़ तो कदम चूमेगी विजयश्री

Nainital Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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नैनीताल। मानसून माउंटेन मैराथन के विजेताओं ने कहा कि यदि अथक परिश्रम कर लक्ष्य के अनुरूप दौड़ लगाई जाए तो सफलता स्वयं कदम चूमती है।
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रानीखेत में कार्यरत कुमाऊं रेजीमेंट के बहादुर सिंह धौनी ने कहा कि 2007 में नैनीताल में जूनियर प्रतियोगिता में भी उन्होंने प्रतिभाग किया था और अव्वल रहे। इस वर्ष वह 21 किमी की दौड़ में अव्वल रहे। वह प्रतिदिन कोच के आदेशों के क्रम में 10 से 25 किलोमीटर तक दौड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ में बेहतर एथलीट बनने की काफी संभावनाएं हैं। यदि पहाड़ में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाए तो यहां के खिलाड़ी काफी बेहतर कर सकते हैं। विद्यार्थियों की बालक वर्ग की दौड़ में अव्वल रहे लीलावती पंत जीआईसी भीमताल के दिनेश कुमार का कहना है कि वह प्रतिदिन पांच किलोमीटर दौड़ते हैं। इसके अलावा सूर्यागांव से स्कूल आने जाने में लगभग 15 किमी पैदल जाते हैं। बालिका वर्ग में अव्वल खेल गांव की रूबी कश्यप ने छात्राओं का आह्वान किया कि खेलों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करें।
वैट्रन में अव्वल रहे पंजाब के अजैब सिंह का कहना है कि वह प्रतिदिन 15 किलोमीटर दौड़ते हैं। वह दिल्ली में तीन सितंबर को होने वाली प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रहे हैं। वैट्रन में चौथे स्थान पर रहे डा. त्रिपद सिंह (68) का कहना है इरादे मजबूत हो तो बुढ़ापा किसी कार्य में बाधक नहीं है। सालवन मैराथन विजेता रही लेक्स इंटरनेशनल की मीनाक्षी मेर का कहना है कि इस बार पैर फिसलकर गिरने से वह बालिका वर्ग में चौथे स्थान पर रहीं। लेकिन अथक परिश्रम तथा मजबूत इरादों के साथ वह अपने गरीब पिता के सपनों को जरूर साकार करेंगी।

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