विज्ञापन

बारात घर में पढ़ रहे विद्यार्थी

Nainital Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
नैनीताल। मंडल मुख्यालय में शिक्षा के मंदिर की दुर्दशा व्यवस्थाओं का मजाक उड़ा रही है। व्यवस्था की ऐसी ही लापरवाहियों के चलते वृहद सरकारी शिक्षा व्यवस्था निजी मझोली शिक्षण संस्थाओं के आगे घुटने टेकती नजर आती हैं। ऐसा ही एक मामला नगर पालिका क्षेत्र में स्थित नारायण नगर प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला। यहां ग्रामीणों की वर्षों की मांग के बाद एक विद्यालय भवन बना तो सही लेकिन बिना सदुपयोग के ही यह लगभग खंडहर में तब्दील हो चुका है। हालात यह है कि विद्यार्थी पास के बारात घर में शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं। नगर क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था का यह आलम है तो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
बच्चे देश का भविष्य हैं और इस भविष्य को बेहतर बनाने की अहम जिम्मेदारी के चलते शिक्षा विभाग निजी शिक्षण संस्थाओं की तुलना में वेतन और अन्य मदों में अपेक्षाकृत बहुत अधिक धन खर्च करता है। लेकिन व्यवस्था की लापरवाहियों से संस्थानों की दुर्दशा है। हालात यह हैं कि मिड-डे-मील सरीखे प्रलोभन न हों तो इन विद्यालयों से बच्चों की संख्या और कम हो जाए। शहर के समीपवर्ती नारायण नगर में 1927 में निर्मित भवन में बीते करीब छह-सात दशकों से प्राथमिक विद्यालय चल रहा था, जो अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसे विडंबना ही कहेंगे कि ग्रामीणों की मांग पर 2007-08 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 2.7 लाख रुपये की लागत से विद्यालय भवन तो बना लेकिन उद्घाटन हुए बगैर ही यह भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में भवन की छत से लगातार पानी टपकता रहता है। ऐसे में विद्यार्थी पास के बारात घर में अध्ययन करते हैं। नाम न लिखने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश दिन विद्यालय में न तो प्रार्थना होती है और न ही राष्ट्रगान। आरोप है कि दर्जन भर बच्चों के लिए दो शिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन सही ढंग से पढ़ाई नहीं होने के कारण गांव के अधिकांश बच्चे करीब आठ किलोमीटर दूर नैनीताल शहर में अध्ययन के लिए जाने को मजबूर हैं।
इनसेट
शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाएंगे मामला : आर्या
नैनीताल। क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या ने बीते दिनों क्षेत्र का निरीक्षण किया था। विद्यालय की दुर्दशा देखने के बाद उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन बनने के बाद भी इसका सदुपयोग हुए बगैर खंडहर में तब्दील होना शर्मनाक है। वह शिक्षा मंत्री के समक्ष इस मामले को रखेंगी। शीघ्र ही न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी।
इनसेट
शासन से पत्राचार जारी
नैैनीताल। नगर शिक्षा अधिकारी कमला जंगपांगी ने बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व सर्व शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय भवन बना था। उन्होंने स्वीकारा कि संबंधित भवन की खस्ता हालत के चलते उसमें अध्ययन कार्य नहीं हो रहा है। इस संबंध में शासन से पत्राचार किया जा रहा है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Dehradun

मरीज को ला रही एंबुलेंस का टायर फटा, बाइक को कुचलते हुए सड़क पर पलटी, दो की मौत

हल्द्वानी के चोरगलिया क्षेत्र से पहले मरीज को लेकर आ रही एक एंबुलेंस का टायर फट गया।

17 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

भागे हुए प्रेमी जोड़ों को शरण देता है महादेव का यह मंदिर

हिमाचल प्रदेश जितना अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण जाना जाता है उतना ही यहां की परंपराएं भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। आज हम आपको बता रहा है कुल्लू के शांघड़ गांव के देवता शंगचूल महादेव के बारे में जो घर से भागे प्रेमी जोड़ों को शरण देते हैं।

7 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree