आठ किमी पैदल चल मिलता है स्कूल का दरवाजा

Nainital Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
बेतालघाट। कोसी नदी पर झुला पुल न बन पाने के कारण खैराली और रोपा गांव के बच्चों को आज भी करीब आठ किमी पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। भविष्य की तलाश में इन दो गांवों के करीब 65 छात्र-छात्राएं जंगलों को चीरते हुए जीआईसी और जीजीआईसी बेतालघाट पहुंचते हैं। बच्चों के खतरनाक सफर के अलावा इन गांवों के लोग राशन के लिए भी बेतालघाट के बाजार पर ही निर्भर हैं। कई बार शिकायत के बावजूद झूला पुल नहीं बना। इससे गुस्साए लोगों ने बृहस्पतिवार को बाजार में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। बाद में तहसील पहुंचकर तहसीलदार का घेराव किया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
खैराली गांव में आवाजाही के लिए कोसी नदीं में पुल बनाने की मांग वर्षों से की जा रही है लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुल नहीं होने से स्कूली बच्चों के साथ ही ग्रामीणों को बेतालघाट तक पहुंचने के लिए करीब आठ किमी पैदल जंगल के बीच से होकर सफर करना पड़ता है। रोज जंगली जानवरों के डर के बीच बच्चे रास्ता तय करके स्कूल पहुंचते हैं। झूला पुल बनाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को गुस्साए ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की। फिर तहसील पहुंचकर प्रभारी तहसीलदार त्रिलोक सिंह बिष्ट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। जुलूस और घेराव करने वालों में कांग्रेस किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव शंकर जोशी, मथुरादत्त फुलारा, शांतिबल्लभ, चंदन सिंह, ईश्वरी सिंह, लीलाराम, लक्ष्मण सिंह, शिवराज सिंह, खीमानंद, कांतिबल्लभ, नंदन सिंह,नवीन चंद्र, संदीप, प्रवीण व कैलाश आदि थे।


थैराली, रोपा
जीआईसी जीजीआईसी बेतालघाट
कुल 50 -60 बच्चे

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