पूंजीवादी व्यवस्था से बढ़े महिलाओं पर हमले

Nainital Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
रामनगर। क्रांतिकारी जनवादी मोर्चा (आरडीएफ) की ओर से आयोजित प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन में वर्तमान पूंजीवादी व्यवस्था को महिलाओं पर बढ़ते हमलों के लिए जिम्मेदार बताया गया। इस कन्वेंशन में छह सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
पैठपड़ाव के रामलीला मैदान में रविवार को कन्वेंशन का शुभारंभ गिरीश तिवारी गिर्दा के जनगीत ‘जैंता इक दिन तो आलो दिन य दुनि मां’ से हुआ। नागपुर विश्वविद्यालय महाराष्ट्र से आमंत्रित महिला हिंसा विरोधी कमेटी की सोमा सेन ने रूस, चीन की समाजवादी क्रांति से वहां आए बड़े बदलाव से अवगत कराया। उन्होंने महिलाओं के अधिकार बचाने के लिए मणिपुर में मिले पुरुषों के सहयोग का उदाहरण दिया। प्रदेश की पूर्व शिक्षा निदेशक पुष्पा मानस ने महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें कानूनी प्रावधान बताए। सामाजिक कार्यकर्ता प्रभा रतूड़ी ने कहा कि महिलाओं की भांति गरीब, मजदूर भी शोषण का शिकार हैं। महिला एकता केंद्र की शीला शर्मा ने कहा कि पारिवारिक लोगों की संदिग्ध भूमिका के कारण महिलाओं से जुड़े कई मामलों की गुत्थी अनसुलझी है। इसके लिए रामनगर के वंदना, महिमा सेठ, काशीपुर की मीना गोला, हल्द्वानी के संजना हत्याकांड का उदाहरण दिया। मधुबाला कांडपाल ने शासन, प्रशासन की दमनकारी नीतियों से जनांदोलन कुचलने के उदाहरण दिए। जेएसयू की बनो ज्योत्सना ने सामंती, साम्राज्यवादी व्यवस्था के खिलाफ प्रत्येक स्तर पर संघर्ष का आह्वान किया। उत्तराखंड महिला मंच की संयोजिका कमला पंत, महिला समाख्या की गीता गैरोला, बसंती पाठक, शीला रजवार, पूजा लटवाल ने भी संबोधित किया। बल्ली सिंह चीमा समेत प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के सदस्यों ने जनगीत सुनाए। चंद्रकला तिवारी के संचालन में केपी काला ने कन्या भ्रूण हत्या विषय पर स्लाइड शो दिखाया जबकि वहां लगी पुस्तक, पोस्टर प्रदर्शनी भी खासी सराही गई। प्रदेश अध्यक्ष जीवन चंद्र, उपाध्यक्ष पूजा भट्ट, महामंत्री कैसर राना, प्रशांत राही, किरन, मुनीष कुमार, गीता रावत, प्रभात उप्रेती आदि मौजूद रहे।

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