स्कूटर पर बैठे-बैठे खींचते हैं गजब की फोटो

Nainital Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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नैनीताल। बेशक बलबीर सिंह चल नहीं सकते, मगर फोटोग्राफी के आगे तो उनकी विकलांगता फेल हो गई है। फोटोग्राफी के शौकीन बलबीर राह चलते अपने हैंड आपरेटेड स्कूटर में बैठे-बैठे प्रकृ ति की खूबसूरती को कैमरे में कैद कर लेते हैं। बलबीर का फोटो के प्रति प्रेम इस कदर है कि जब भी उन्हें खाली समय मिलता है वह अपने लैंडस्केप व नेचर कलेक्शन को पूरा करने के लिए शहर से मीलों दूर निकल जाते हैं। हजार से अधिक हिमालय और लैंडस्केप के चित्र खींच चुके बलबीर फोटोग्राफी के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार समेत कई संस्थाओं द्वारा अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं।
मल्लीताल बड़ा बाजार निवासी 55 वर्षीय बलबीर सिंह स्टेट बैंक आफ इंडिया में कार्यरत हैं। 36 वर्ष पूर्व बीकॉम की पढ़ाई के दौरान बलबीर को पैरालिसिस का अटैक पड़ा, जिस कारण मेधावी बलबीर का घर से बाहर जाना बंद हो गया। बलबीर ने अपने मुकाम पर पहुंचने के लिए कभी विकलांगता को आड़े नहीं आने दिया। एमकॉम पास बलबीर बिना किसी की मदद लिए प्रकृति के करीब जाना चाहते थे। फिर क्या था अपनी फोटोग्राफी को जीवित रखने के लिए उन्होंने कानपुर से हैंड आपरेटेड स्कूटर को मंगवा लिया। इन 36 सालों में राह चलते बलबीर ने हजार से ऊपर फोटो का कलेक्शन किया। वह अब तक रानीखेत, पिथोरागढ़, मुक्तेश्वर, दिल्ली, कलकत्ता, गुवाहाटी, चेन्नई, त्रिवेन्द्रम, कानपुर, बंगलूरू, जोधपुर समेत विभिन्न महानगरों में अपनी फोटो की प्रदर्शनी लगा चुके हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा पुरस्कृत बलबीर को 2001 में उत्तराखंड सरकार द्वारा फोटोग्राफी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, 500 फोटो क्लेक्शन के लिए उन्हें प्लेटिनम ग्रेड से सम्मानित किया गया है।

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