तेंदुआ की दहशत, संयुक्त गश्त शुरू

Nainital Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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हल्द्वानी। हेमपुर इलाके में 11 वर्षीय बालक को मारने वाले तेंदुआ का पता नहीं चल सका है। सुरक्षा को लेकर सेना के साथ वन विभाग ने इलाके में गश्त शुरू की है। वहीं, वन्यजीव का मूवमेंट पता करने को लेकर जो कैमरा ट्रैप लगाया था, उससे कोई मदद नहीं मिली है।
10 जुलाई को हेमपुर डिपो क्षेत्र में वन्यजीव ने एक बालक संजीव को मार दिया था। इसके बाद से इलाके में भय बना हुआ है। वनाधिकारियों का दावा है कि संजीव को मारने वाला वन्यजीव तेंदुआ हो सकता है। उसके पग मार्क भी घटना स्थल के पास मिले हैं। वन्यजीव के आदमखोर होने की आशंका को लेकर सेना और वन विभाग ने इलाके में संयुक्त गश्त शुरू की है। जंगलात के अनुसार जो संवेदनशील जगह हैं, वहां पर नजर रखी जा रही है। बहरहाल, अभी तक संजीव को मारने वाले वन्यजीव की सटीक पहचान नहीं हो सकी है। विभाग ने जो कैमरा ट्रैप लगाया था, उससे भी कोई सहायता नहीं मिली है। तराई पश्चिम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी निशांत वर्मा के अनुसार संयुक्त गश्त 15 दिन तक चलेगी। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

बगुलों ने दम तोड़ा
हल्द्वानी। चोरगलिया क्षेत्र से रेसक्यू कर नैनीताल चिड़ियाघर लाये गये छह बगुलों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह ने बताया कि स्कूल में एक पेड़ काटने के दौरान कई बगुले मारे गये थे, इसमें कुछ बच गये थे, उनको इलाज के लिए नैनीताल भेजा गया था। पर इलाज के बाद भी उनको नहीं बचाया जा सका। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें जला दिया गया।

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