...तो एक दुकान हटाने भर के लिए था अभियान

Nainital Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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हल्द्वानी। मंडी समिति का अतिक्रमण हटाने का अभियान नीलामी चबूतरे (टीन शेड) से एक दुकान तोड़ने के साथ ही ठंडे बस्ते में चला गया है। नीलामी चबूतरा में पूरा अतिक्रमण है। बेखौफ व्यापारियों ने चबूतरे में मनमर्जी से लोहे की ऐगिंल और जालियां लगाकर घेराबंदी की है। चबूतरे के अलावा मंडी परिसर में आवंटित दुकानों के बरामदे पाटकर गोदाम बने हैं। अधिकतर दुकानों के पीछे मंडी की जमीन कब्जा कर उसमें आफिस खोल दिए हैं। कैंटीनों के आसपास अवैध तरीके से होटल खोल दिए हैं। मंडी समिति को इस अतिक्रमण से कोई सरोकार नहीं है।
मंडी समिति की ढील और संरक्षण के चलते टीन शेड, कैंटीन और दुकानों के आगे की सड़क तहबाजारी पर उठती है। सड़क पर फड़ एवं ठेलियां लगाने वाले फुटकर व्यापारी दुकान एवं कैंटीन संचालकों को प्रतिमाह मोटी रकम देते हैं। इसका एक बड़ा हिस्सा मंडी समिति प्रशासन को पहुंचता है। छोटा टीन शेड व्यापारियों को आवंटन होने के बाद अब बड़ा टीन शेड (नीलामी चबूतरा) पूरी तरह घिर चुका है। जबकि छोटे नीलामी चबूतरे पर तत्कालीन मंडी बोर्ड ने दुकानें बनाकर आवंटित कर दी हैं। दोनों ही नीलामी चबूतरे विश्व बैंक की मदद से 1982 में बनाए गए थे। काश्तकारों की सहूलियत के लिए बने चबूतरे पर दुकानें या फिर आवंटन नहीं किया जा सकता है।
बड़े टीन शेड (नीलामी चबूतरे) पर मंडी के दबंग व्यापारियों का कब्जा है। इनमें अधिकांश व्यापारियों के पास पहले से ही दुकानें आवंटित हैं। दुकानों को किराये में उठाकर चबूतरे में कारोबार कर रहे हैं। मंडी समिति से आवंटित दुकानों के आगे एवं पीछे पूरी तरह अतिक्रमण है। दुकानों के पीछे आफिस बने हैं। जबकि आगे फल एवं सब्जियां स्टोर करने के लिए गोदाम बनाए गए हैं। दुकानों और कैंटीनों के आगे की सड़क तहबाजारी की तर्ज पर प्रतिमाह किराये पर उठाई जाती है। फुटकर व्यापारी एवं ठेलियां लगाने वाले दुकानदार एवं पनवाड़ी तहबाजारी शुल्क देते हैं।
अतिक्रमणकारियों को मंडी समिति का पूरा संरक्षण है। काश्तकारों के आंदोलन के बाद अतिक्रमण को लेकर मंडी समिति प्रशासन में कुछ हलचल हुई, लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकला। समिति ने टीन शेड में बनी एक दुकान तोड़ने तक अभियान सीमित रखा। नीलामी चबूतरे से अस्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। दुकानों के आगे बरामदों एवं पीछे बने आफिस में समिति की नजर नहीं पड़ी।

भेदभाव से तोड़ी गई दुकान: नेगी
टीन शेड में बनी दुकान तोड़ी जाने के बाद व्यापारी वीरेंद्र सिंह नेगी ने मंडी समिति पर भेदभाव एवं पक्षपात का आरोप लगाया है। वीरेंद्र नेगी ने कहा कि पूरी मंडी अतिक्रमण की जद में है। अतिक्रमणकारियों को मंडी समिति का संरक्षण है, लिहाजा अभियान में सिर्फ उन्हें टारगेट किया गया था।


कार्रवाई चल रही है
अतिक्रमण चिह्नित करने की कार्रवाई चल रही है। आधा दर्जन से अधिक व्यापारियों को नोटिस जारी हो चुके हैं। अतिक्रमण नहीं हटाने पर उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमणकारियों से टीन शेड खाली कराया जाएगा।
विनोद कुमार लोहुमी, मंडी सचिव

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