...तो नाले की गंदगी से सींचे जाते हैं खेत

Nainital Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। नाले की गंदगी नहर और नहर से किसानों के खेतों तक। गंदगी भी हर प्रकार की। घरों के कूड़े से लेकर सड़ा खाना, पालीथिन, नालियों का गंदा पानी और यहां तक कि इंसान का मल भी। पर यहां बहते पानी में सब चलता है। नहर में प्रवाहित होती गंदगी एक दो दिन नहीं बल्कि एक साल से है और खेत इसी गंदगी से सींचे जा रहे हैं। लेकिन आज तक न तो नाले का रुख बदला गया और न ही काश्तकारों के खेतों को गंदगी से राहत मिल सकी है।
यह हाल है इंद्रानगर नाले का। यहां नगर निगम का नाला घरों, होटलों का कचरा, छोटी नालियों का गंदा पानी, सीवर छोड़ने का एकमात्र ठिकाना है। इसे बरसाती नाले के नाम से पहचाना जाता है। लेकिन अब तक की बरसात भी नाले की दुर्गत को नहीं सुधार सकी। बदबू का भभका ऐसा कि नाले से दो सौ मीटर दूर खड़े रहना तक मुश्किल। इंद्रानगर में झोपड़ियों में रहने वालों, उनके बच्चों के लिए यह नाला मल निस्तारण का भी सहारा है। नाले का डायवर्जन गौला की तरफ मोड़ने के बजाए सिंचाई विभाग की लालकुआं निकलने वाली नहर की तरफ होने से सारी गंदगी नहर में आती है।
बरेली रोड, तीनपानी से लेकर लालकुआं तक की 3401 हेक्टेयर कृषि भूमि को इसी नहर का पानी मिलता है। हर रोज नाले की गंदगी किसानों के खेत सींच रही है। लेकिन इस सब से जिम्मेदार बेपरवाह हैं। नाले की जिम्मेदारी संभाले नगर निगम में गंदगी के इस साम्राज्य से निपटने की कुव्वत नहीं। सिंचाई विभाग अलग से परेशान है। क्योंकि नहर आए दिन गंदगी के कारण चोक होती है। नहर को लोगों ने गंदगी के ढेर में बदलकर रख दिया है। गंदगी चाहे कैसी भी हो, उसे फेंकने के लिए नाला ही सबकी नजर में रहता है।

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रात में होती है खाली प्लाट की तलाश
नगर निगम की सीमा में कूड़ा फेंकने के लिए कंटेनर लगे हैं। लेकिन सीमा से बाहर खाली प्लाट कूड़ाघर बन गए हैं। शहर के कोने-कोने में खाली जमीन पर कूड़े का ढेर बिखरा पड़ा है। दिलचस्प बात यह है कि प्लाट में कूड़ा फेंकने के लिए लोग रात की राह ताकते हैं। दिन में किसी घर से कूड़ा बाहर नहीं निकलता और जैसे ही रात हुई सारा कूड़ा प्लाट में। अगली सुबह हर तरफ ढेर ही ढेर।

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कूड़े के ढेर पर चेतावनी बोर्ड
बाजपुर बस स्टेंड के पास ठीक सड़क किनारे स्वास्थ्य समिति बिठोरिया नंबर-1 का चेतावनी बोर्ड लगा है। लिखा गया है कि यदि यहां पर कूड़ा डाला तो 500 रुपये जुर्माना लगेगा। कानूनी कार्रवाई अलग से। लेकिन यही चेतावनी बोर्ड गंदगी के ढेर पर खड़ा है। दुर्गंध सौ मीटर दूर तक फैली रहती है। उससे भी रोचक बात ये कि कूड़े के आसपास ही कई चाट के ठेले लगे रहते हैं।

सिंचाई विभाग दिखाएगा सख्ती
सिंचाई नहरों में कूड़ा फेंके जाने से तंग सिंचाई विभाग ने अब सख्ती दिखाने का फैसला लिया है। विभाग के अधिशासी अभियंता एमसी पांडे का कहना है कि नहरों में कूड़ा फेंकने से रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। लेकिन निगम इस दिशा में कुछ नहीं कर रहा। कूड़े से नहरें चोक हो रही हैं। उन्होंने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखते हुए इस मामले में कठोर कार्रवाई करने या फिर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश देने की मांग की है।

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