बरसाती तालाब में डूबने से छात्र की मौत

Nainital Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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ज्योलीकोट। पायलट बाबा आश्रम गेठिया में चलने वाले एशियन एकेडमी पब्लिक स्कूल के कक्षा नवीं के छात्र की बरसाती तालाब में डूूबने से मौत हो गई। छात्र पिथौरागढ़ के कनालीछीना का रहने वाला था। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को मोरचरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम सोमवार को होगा। इधर बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया है।
जानकारी के मुताबिक आश्रम परिसर में संचालित एशियन एकेडमी पब्लिक स्कूल में कक्षा 10 तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। स्कूल के छात्रावास में 50 छात्र-छात्राएं रहते हैं। रविवार को दोपहर के भोजन के बाद करीब दो बजे छात्रों का एक दल घूमने के लिए निकल पड़ा। स्कूल से करीब 100 मीटर दूर नीचे की ओर एक मैदान सरीखा तालाब है, बरसात के समय यह मैदान तालाब का रूप ले लेता है। बताया जाता है कि इसी दौरान कक्षा नवीं का छात्र विजय बिष्ट (15) पुत्र लक्ष्मण सिंह बिष्ट, निवासी कलानीछीना (पिथौरागढ़) तालाब में तैरने के लिए चला गया और इसी दौरान वह पानी में डूब गया। उसके डूबने की सूचना अन्य बच्चों ने स्कूल प्रबंधन को दी। आननफानन में स्कूल प्रबंधन की ओर से विजय को तालाब से निकालकर बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने के प्रयास किया गया लेकिन वहां पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिल पाया। पता चला है कि विजय के पिता फौज में हैं और वर्तमान में लेह लद्दाख में तैनात हैं। इधर मल्लीताल कोतवाली के एसआई हरीराम ने बताया कि शव का पंचनामा भर दिया गया है। पोस्टमार्टम सोमवार को होगा। विजय के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। इधर विजय की मौत पर सांसद प्रतिनिधि डा. हरीश बिष्ट, हरगोविंद रावत, पूर्व दर्जा मंत्री जया बिष्ट, अंबा पांडे, डा. ललित जोशी, इंद्र नेगी, विपिन पाठक , ग्राम प्रधान तारा सिंह, भावना रावत, बीडीसी सदस्य नवीन पंत आदि ने गहरा दुख जताया है।
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चार महीने तालाब बना रहता है मैदान
ज्योलीकोट। जहां पर छात्र विजय की डूबने से मौत हुई है वह स्थान वर्षभर में चार माह बरसाती पानी से तालाब का रूप ले लेता है। शेष के आठ महीनों में यहां पर बच्चे क्रिकेट खेला करते हैं। पिछले वर्ष महायोगी पायलट बाबा का हेलीकाप्टर भी इसी मैदान पर उतरा था। बरसात में इस मैदान में भरने वाले पानी से निचले हिस्से में बसे कई गांवों के जलस्रोत रिचार्ज होते हैं।
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एक कुंआ भी बन सकता है हादसे का सबब
ज्योलीकोट। गेठिया तालाब के पास निर्माणाधीन होलेस्टिक एजूकेशन एंड डेलडीईंग संस्था के निर्माणाधीन परिसर में करीब आठ मीटर गहरा और तीन मीटर गोलाई का कुंआ खोदकर खुला छोड़ दिया गया है। बरसात में लबालब भरे इस कुएं से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक यह कुंआ दो वर्ष पहले खोदा गया था। पिछले कई माह से परिसर में निर्माण कार्य रुका हुआ है और इसे खुला छोड़कर कर्ताधर्ता नदारद हैं। गांव की आबादी के पास बने इस कुएं से गांव का मुख्य रास्ता भी लगा हुआ है। स्कूली बच्चे इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। आज हुई दुर्घटना से ग्रामीणों की दहशत बढ़ गई है। कृषक सेवा सहकारी समिति के प्रशासक अंबा पांडे और स्थानीय लोगों ने इस कुएं को ढकने और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

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