प्रति लीटर दूध उत्पादन बढ़ाने में खर्च हो गए 40 हजार

Nainital Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। यह कल्पना की गई थी कि अपना राज्य बनने के बाद दूध लोगों के रोजगार का सशक्त जरिया बनेगा तथा इससे पलायन रुकेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। राज्य बनने के बाद से अब तक दुग्ध क्षेत्र में विकास के लिए 2.12 अरब रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन दुग्ध उत्पादन में सिर्फ 50 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2000 में औसत दूध का उत्पादन करीब एक लाख लीटर प्रतिदिन था जो 12 सालों में करीब डेढ़ लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच सका है। हिसाब लगाएं तो इस तरह प्रति लीटर दूध का उत्पादन बढ़ाने में करीब 40 हजार रुपये खर्च हुए हैं।
पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उम्मीद की जा रही थी कि राज्य बनने के बाद दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ेगा और लोग इसे व्यवसाय के रूप में अपनाएंगे। हिमाचल ने इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की है। राज्य बनने के बाद दुग्ध विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समन्वित डेरी विकास योजना, मिनी डेरी परियोजना सहित विभिन्न योजनाओं के अलावा और डेरी विकास विभाग में अधिकारियों के वेतन आदि में अब तक लगभग 212 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में करीब 120 करोड़, केंद्रीय योजनाओं में 49 करोड़, विभागीय अधिकारियों के वेतन और अन्य मदों में 25 करोड़, राज्य की अन्य योजनाओं में 18 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है लेकिन दुग्ध उत्पादन में औसतन 50 हजार लीटर की बढ़ोत्तरी हो सकी है। स्थिति यह है कि नैनीताल और ऊधमसिंहनगर दुग्ध संघों में प्रति दिन करीब एक लाख लीटर दुग्ध संग्रह होता है। राज्य के बाकी नौ दुग्ध संघ औसतन सिर्फ करीब 50 हजार लीटर रोजाना दूध जमा करते हैं।
इन्सेट
जिला दुग्ध संग्रह (ली. प्रतिदिन)
.....................................................
नैनीताल 59885
ऊधमसिंहनगर 49530
अल्मोड़ा 13189
बागेश्वर 230
पिथौरागढ़ 2708
चंपावत 7063
देहरादून 7903
हरिद्वार 7013
उत्तरकाशी 847
टिहरी 2845
पौड़ी 4391
रुद्रप्रयाग 212
चमोली 1582
..........................................
योग 157407
इन्सेट
राज्य में दुग्ध विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की मदद से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनसे भविष्य में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है।
पीएस कुटियाल, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन
इन्सेट
पहले जो हुआ इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता लेकिन मेरे कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन सात फीसदी बढ़ा है। उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। दुग्ध समितियां मजबूत की जा रही हैं काश्तकारों को अनुदान और सहायता देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

हरीश चंद्र दुर्गापाल, दुग्ध मंत्री उत्तराखंड सरकार 0000

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

देहरादून में आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ये हैं आरोप

वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बता दें कि आशा कर्यकर्ता देहरादून के परेड ग्राउंड के पास धरना प्रदर्शन कर रही थीं जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

14 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper