विज्ञापन
विज्ञापन

बेस अस्पताल नहीं, बास अस्पताल

Nainital Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
हल्द्वानी। हे राम! ये अस्पताल है कि गंदगी का घर। वार्डों में गंदगी, परिसर में जगह-जगह कूड़ा, बास मारते शौचालय और नालियों में भरी गाद पूरा गंदगी का साम्राज्य है अपना बेस अस्पताल। कुमाऊं भर के लोग रहते हैं इस बीमारी परोसने वाले अस्पताल के भरोसे। अस्पताल का ये हाल बहुत पुराना है। पिछले दिनों सफाई व्यवस्था चरमराने पर अस्पताल प्रशासन ने ठेकेदार बदला था। ठेका एक भाजपा नेता के रिश्तेदार को दिया गया है। ठेकेदार बदले जाने के बाद भी अस्पताल की सफाई व्यवस्था नहीं बदली। अस्पताल की ये हालत है कि मरीज की तो बात ही मत करो तीमारदार के स्वास्थ्य का ध्यान देने की नौबत आ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल करीब 180 बेड का है। अस्पताल की साफ सफाई ठेके पर होती है। सफाई व्यवस्था से असंतुष्ट होने पर अस्पताल प्रशासन ने पुराने ठेकेदार को हटाकर नया ठेका दे दिया है। नया ठेका पहली अगस्त से एक लाख 29 हजार रुपये प्रतिमाह हुआ है। ठेकेदार एक भाजपा नेता का रिश्तेदार है और हल्द्वानी से बाहर रहता है। सफाई की व्यवस्था ठेकेदार का मैनेजर देखता है। मैनेजर के मुताबिक अस्पताल की सफाई के लिए 30 कर्मी हैं। अस्पताल में सुबह, दोपहर और शाम तीन शिफ्टों में सफाई होती है। उनका काम अस्पताल परिसर, वार्ड और शौचालयों में फैली गंदगी को साफ करना है। बायोमेडिकल कचरा एक एनजीओ उठाता है, जिसे सुशीला तिवारी अस्पताल के इंसीनेटर में भेजा जाता है।
ठेका बदलने के बाद भी अस्पताल परिसर में जगह जगह चूना जरूर पड़ गया है, लेकिन साफ सफाई व्यवस्था पर सुधार नहीं हुआ है। अस्पताल परिसर हीं नहीं बल्कि वार्डों में जबर्दस्त गंदगी है। वार्डों के बरामदों में बायोमेडिकल कचरा और मरीजों के खाने के बाद की जूठन फैली रहती है। जूठन और कचरे पर मक्खियां भनभनाती हैं। शौचालयों की हालत बेहद खराब है। अधिकतर ब्लाकों में बने शौचालयों में पानी की सप्लाई नहीं है। बी ब्लाक में बने वार्ड के शौचालयों में बाहर बायोमेडिकल कचरा एकत्र करने के लिए डिब्बे रखे हैं। पुरुष शौचालयों में ताले लटके हैं। महिला और पुरुष मरीज एवं तीमारदार महिला शौचालयों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। अस्पताल परिसर में अक्सर सीवर लाइन लीकेज होने से आसपास गंदगी रहती है। अस्पताल की इस गंदगी से भर्ती मरीज ठीक होने के बजाए उनके तीमारदार तक संक्रामक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।


अस्पताल की इमरजेंसी और बी ब्लाक के शौचालयों को बाहरी लोग इस्तेमाल करते हैं। इससे शौचालयों में पानी जल्दी खत्म हो जाता है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। अस्पताल परिसर में सीवर लीकेज होने की लिखित शिकायत कई बार नगर निगम और जलसंस्थान को दी जा चुकी है। सफाई व्यवस्था चरमराने के बाद ही पुराने ठेकेदार को हटाया गया। - प्रभारी सीएमएस डा. डीसी भट्ट

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha chunav 2019) के नतीजों में किसने मारी बाजी? फिर एक बार मोदी सरकार या कांग्रेस की चुनावी नैया हुई पार? सपा-बसपा ने किया यूपी में सूपड़ा साफ या भाजपा का दम रहा बरकरार? सिर्फ नतीजे नहीं, नतीजों के पीछे की पूरी तस्वीर, वजह और विश्लेषण। 23 मई को सबसे सटीक नतीजों  (lok sabha chunav result 2019) के लिए आपको आना है सिर्फ एक जगह- amarujala.com  Hindi news वेबसाइट पर.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Nainital

रामनगर में पकड़ा नैनीताल का प्रेमी युगल

रामनगर में पकड़ा नैनीताल का प्रेमी युगल

24 मई 2019

विज्ञापन

सूरत के कोचिंग संस्थान में लगी आग से 17 छात्रों की मौत, पीएम ने जताया दुख

गुजरात के सूरत में दर्दनाक हादसा हुआ। इस दौरान तक्षशिला कोचिंग संस्थान में भीषण आग लग गई। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई।

24 मई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree