एक ही स्कूल के दो शिक्षकों को अलग- अलग सूची में दर्शाया

Nainital Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
हल्द्वानी। शिक्षा विभाग में स्कूलों का सुगम - दुर्गम निर्धारण और अनिवार्य स्थानांतरण सूची शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अनिवार्य स्थानांतरण के अंतर्गत नेट पर जारी की गई सूची में नये - नये खेल खेले जा रहे हैं। विकास खंड हल्द्वानी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रैखालखत्ता में पूरन चंद्र त्रिपाठी प्रधान अध्यापक एवं गौरव बिष्ट सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं लेकिन मजेदार बात यह है कि नेट पर जारी की अनिवार्य स्थानांतरण सूची में पूरन चंद्र त्रिपाठी को विभाग द्वारा अनिवार्य स्थानांतरण के अंतर्गत सुगम से दुर्गम वाली सूची में दर्शाया गया है। जबकि सहायक अध्यापक गौरव बिष्ट को दुर्गम से सुगम अनिवार्य स्थानांतरण वाली सूची में दर्शाया गया है साथ ही विद्यालय को अति दुर्गम की श्रेणी में रखा गया है। इससे पूर्व विभाग द्वारा एक ही परिसर में दो विद्यालयों को अलग- अलग श्रेणी में रखा गया था। इस बार अनिवार्य स्थानांतरण सूची में दो कदम और बढ़ाते हुए एक शिक्षक की उसी विद्यालय की सेवा सुगम एवं एक की उसी विद्यालय की सेवा दुर्गम में रखी गई है। इस स्थिति को लेकर शिक्षकों में बेहद आक्रोश व्याप्त है। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक मंत्री डिकर सिंह पडियार का कहनाहै कि 25 जुलाई को विकास खंड के विद्यालयों का सही चिन्हीकरण करने के संबंध में मांगपत्र दिया था लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ ने वर्तमान में प्रस्तावित स्थानांतरण सूची का विरोध करते हुए मांग की है कि शिक्षकों की सेवाएं गलत न दर्शायी जाएं तथा दुर्गम में की गई सेवा दुर्गम में ही जोड़ी जाए, चिन्हीकरण ठीक ढंग से हो, अधिक ठहराव वालों को छोड़कर कम ठहराव वालों का स्थानांतरण न हो, स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शी नीति अपनाई जाए, शासनादेश के अनुरूप काम हो। संघ ने इस मुद्दे पर चार अगस्त को जिला स्तरीय बैठक बुलाई है जिसमें शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

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