केंद्र समन्वयक को तीन साल की सजा

Nainital Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
नैनीताल। सीजेएम की अदालत ने नैनीताल जिले के विकास संसाधन केंद्र खनस्यू ओखलकांडा के समन्वयक को तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उन्हें शिक्षा परियोजना के अंतर्गत लाखों रुपयों के व्यय में अनियमितता बरतने का दोषी पाया गया है।
सहायक अभियोजन अधिकारी बीसी मेलकानी और डीके मुनगली ने बताया कि धनीराम निवासी ग्राम तल्ला ओखलकांडा पट्टी विश्यूला तहसील धारी विकास संसाधन केंद्र ओखलकांडा में बतौर समन्वयक तैनात थे। 29 जून 2000 को डा. मुकुल सती विशेषज्ञ बेसिक शिक्षा अधिकारी नैनीताल ने मल्लीताल थाने में धनीराम के खिलाफ तहरीर देते हुए कहा कि शिक्षा परियोजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजनों के मद की धनराशि धनीराम को दी गई थी। विभागीय निरीक्षण के दौरान पाया गया कि समन्वयक धनीराम द्वारा प्राप्त धनराशि के व्यय में अनियमितता बरती गई थी, जिस कारण उसे निलंबित कर दिया गया। सहायक लेखाधिकारी द्वारा लेखों की जांच में लाखों की हेराफेरी की गई थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुजीत कुमार की अदालत में र्हुई। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद उक्त फैसला सुनाया।

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