हाइकोर्ट की खबर

Haldwani Bureau Updated Wed, 07 Jun 2017 02:24 AM IST
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मृतक आश्रित के रूप में विवाहित बेटी को नौकरी देने के आदेश पर रोक
नैनीताल। मृतक आश्रित के रूप में विवाहित बेटी को भी नौकरी देने के एकलपीठ के आदेश पर हाइकोर्ट की खंडपीठ ने रोक लगा दी है।
बुधवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। जिला सहकारी बैंक ने हाइकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी। एकलपीठ का कहना था कि विवाहित पुत्री भी मृतक आश्रित के रूप में नौकरी पाने की अधिकारी है। स्पेशल अपील में कहा गया था कि ऊधमसिंह नगर निवासी अंजुला सिंह ने हाइकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर कर कहा था कि उसके पिता तेज बहादुर सिंह जिला सहकारी बैंक में क्लर्क के रूप में तैनात थे। उनकी नौकरी के दौरान मौत हो गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से उसे अपने पिता की जगह नौकरी दिए जाने की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी समिति सेवक विनियम की धारा 104 को चुनौती देते हुए उसे खत्म करने की मांग की थी। एकलपीठ ने आदेश में कहा था कि विवाहित पुत्री भी मृतक आश्रित के रूप में नौकरी पाने की अधिकारी होगी। एकलपीठ के इस आदेश को जिला सहकारी बैंक ने स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी थी।

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