सदस्य बोले, हमारी नहीं सुनते अफसर

Haridwar Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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हरिद्वार। जिला पंचायत की बैठक में नए सत्र के लिए अपनी निजी आय से विकास कार्यों के लिए 16 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास किए गए। इस दौरान कई सदस्यों की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष पर उन्हें तवज्जो नहीं दिए जाने का आरोप लगाया गया। निमार्ण कार्य के बाद लगने वाले साइन बोर्ड पर भी उनके नाम नहीं लिखे जाने पर आपत्ति जताई गई। कुछ जिला पंचायत सदस्य तो सीधे बोल पड़े कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उनकी नहीं सुनते हैं।
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जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक निर्धारित समय से 45 मिनट देरी से शुुरू हुई। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष अंजुम ने की। जिला पंचायत सदस्य धर्मपाल और राजीव राठी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर उन्हें तवज्जो नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। कहा कि वह क्षेत्र प्रतिनिधि हैं लेकिन उनके यहां होने वाले निर्माण कार्यों के साइन बोर्ड पर उनके नाम तक नहीं लिखे जा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य जयंत चौहान, ताहिर हसन और जय भगवान आदि कई सदस्यों ने जिला पंचायत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर उनकी बातों पर गौर नहीं किए जाने की शिकायत की। कहा कि अधिकारी समस्याओं को हल करने में लापरवाही बरतते हैं। बैठक में सीडीओ वीएस धनिक, परियोजना निदेशक केसी जोशी, डीडीओ एसएस शर्मा, अपर मुख्य अधिकरी एसएस मटूरा और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आय के स्रोतों के आंकडे़ नहीं कराए मुहैया
बैठक में जिला पंचायत सदस्यों जय भगवान और धर्मपाल ने आरोप लगाया कि पिछली चार बैठकों में उन्होंने ईंट भट्टे, दुकानों, भवनों और आय स्रोत के संख्या संबंधित अन्य आंकड़े मांगे जो उन्हें आज तक मुहैया नहीं कराए गए। कई सदस्यों ने झल्लाकर कहा कि इससे ज्यादा अपमान और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की तो छोड़ो कर्मचारी तक उनका कहना नहीं मानते।
छोटी दुकान और बड़ी फैक्ट्री पर टैक्स बराबर क्यों?
बैठक में जिला पंचायत सदस्य अजीत राठी, धर्मपाल, जयंत चौहान, ताहिर और जयभगवान ने कहा कि रोजाना मामूली कमाई वाली दुकानों पर सालाना 500-5000 रुपये टैक्स लगाया जा रहा है। वहीं लाखों का कारोबार करने वाली फैक्ट्रियों से भी इतना ही टैक्स लिया जा रहा है। यह छोटे कारोबारियों के साथ अन्याय है। सदस्यों ने जिला पंचायत क्षेत्र में स्थापित बड़े उद्योगों पर टैक्स बढ़ाने की मांग उठाई।
24 में से सिर्फ एक महिला सदस्य बोली
अलग-अलग क्षेत्रों से चुनकर जिला पंचायत में आई 24 महिला सदस्यों में से एक को छ़ोड़कर बाकी सब दूसरों को सुनती रहीं। न तो उन्होनें अपनी तरफ से कोई बात कही और न किसी का विरोध किया। एक महिला सदस्य बबीता ने जरूर दरगाहपुर क्षेत्र में बरसात से टूटी सड़कों की मरम्मत अभी तक नहीं कराए जाने पर ताज्जुब जताया। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी से कहा कि वह योजना आयोग की सदस्य भी हैं और आयोग की सदस्य को 10 लाख रुपये क्षेत्र विकास के लिए दिए गए। क्या उन्हें महिला होने की सजा दी जा रही है।
65 लाख को छह करोड़ लिखने से गलतफहमी
नए सत्र के लिए जिला पंचायत की बैठक में 16 करोड 19 लाख की आय के प्रस्ताव पास किए गए। निजी स्रोतों की धनराशि में 65 लाख के बजाए छह करोड़ 58 लाख लिखा हुआ था। इसे देख सभी सदस्य भौचक रह गए। अपर मुख्य अधिकारी ने इसके लिए सदन से माफी मांगकर अपनी गलती को सुधारा।
शिक्षा विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग-
जिला पंचायत की बैठक में जहां 25 से अधिक विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे वहीं शिक्षा विभाग की ओर से कोई दिखाई नहीं दिया। जनप्रतिनिधियों ने सीडीओ के सामने इस बात पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की समस्याओं को सुनने के लिए उनका प्रतिनिधि उपस्थित नहीं होता। उनके खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

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