पनप रहे निजी अस्पताल, प्रमोट कर रहे जनप्रतिनिधि

Haridwar Updated Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST
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हरिद्वार। शहर के सरकारी अस्पतालों की बदहाली किसी से छिपी नहीं हैं। बावजूद उसके जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि निजी अस्पतालों को प्रमोट करने में जुटे हुए हैं। उद्घाटन समारोह से प्राइवेट हास्पिटलों में दी जानी वाली सुविधाओं का बखान किया जा रहा है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं बेहतर होता कि चुने गए महानुभाव सरकारी अस्पतालों में डाक्टर और सुविधाएं मुहैया कराते।
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सरकारी अस्पतालों की बदहाली से धर्मनगरी में निजी अस्पताल पनपने लगे हैं। एक वर्ग के लिहाज से तो यह बेहतर हो सकते हैं लेकिन इन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना आम आदमी और गरीब की बस से बाहर है। फिर भी जनप्रतिनिधि इन्हें प्रमोट करने में लगे हुए हैं। दो दिन पहले ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री खुद एक प्राइवेट अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे। दो सप्ताह पहले मुख्यमंत्री ने शहर में एक बड़े ग्रुप के अस्पताल का उद्घाटन किया था। पिछले एक साल के भीतर हरिद्वार और इसके आसपास दर्जनों प्राइवेट अस्पताल खुले हैं। जिनके उद्घाटन समारोह में इनमें दी जाने वाली सुविधाओं की जनप्र्रतिनिधियों ने खूब कसीदे गढ़े। लेकिन जिनके लिए इन्हें चुनकर सरकार में भेजा उनकी तरफ यह ध्यान ही नहीं दे रहे।

सिडकुल की वजह से शिवालिक नगर इलाके में प्राइवेट अस्पताल लगातार खुल रहे हैं। जबकि जगदीशपुर क्षेत्र में खुल रहे अस्पतालों का तारगेट ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक पहुंचना है। अब सवाल इस बात का है कि इन सब के बीच सरकारी अस्पतालों की सुध क्यों नहीं ली जा रही है।


एक डाक्टर ने देखे 110 मरीज
बहादराबाद। देहात में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद का हाल यह था एक डाक्टर को अकेले 110 मरीज देखने पड़े। एकमात्र चिकित्सक डा. एसएस पाल ओपीडी में सेवाएं देते नजर आए। अस्पताल के डा. दिनेश मिश्रा जहां कलियर मेले में ड्यूटी पर थे तो दंत रोग विशेेषज्ञ डा. ऊषा बिष्ट को सीएमओ कार्यालय जरूरी काम से जाना पड़ा। ऐसे में उनकी ओपीडी बंद रही। ओपीडी में चिकित्सक नहीं मिलने से मरीज परेशान नजर आए। मरीज दिलशाद, राजेंद्र कुमार, पुष्पा देवी आदि का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में सिर्फ एक डाक्टर बैठा है। सुबह से पर्चा लगाकर बारी का इंतजार कर रहे हैं।


चिकित्सकों के कमी की समस्या पूरे प्रदेश में है। जिले में कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हुई है। धीरे-धीरे व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं। जल्द जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार देखने को मिलेगा।
- डा. दीपा शर्मा, सीएमओ हरिद्वार

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