...ताकि वन्य जीवों के जीवन में न पड़े खलल

Haridwar Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
रुड़की। राजाजी पार्क के समीप पट्टों की आड़ में हुआ बेतरतीब खनन वन्य जीवों के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुका है। इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नए पट्टों की स्वीकृति से पूर्व जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति को सौंपी है। इसी के मद्देनजर दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ने पार्क के निकट घाड़ क्षेत्र का दौरा कर 11 से अधिक खनन के पट्टों को अनुमति देने के औचित्य को लेकर जांच पड़ताल की।
राजाजी नेशनल पार्क के निकट की नदियाें में खनन पर माफिया की गिद्घ दृष्टि है। पार्क के समीप प्रदेश की सीमा से सटे क्षेत्रों में माफिया की ओर से नए खनन पट्टों की अनुमति मांगी गई है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार केंद्रीय वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति की सिफारिश के बाद ही अब खनन माफिया का रास्ता साफ हो सकता है। पार्क के निकट खनन को लेकर 11 से अधिक पट्टों पर खनन की अनुमति के लिए केंद्र सरकार के पास आवेदन हैं। ये सभी पट्टे राजाजी नेशनल पार्क की सीमा पर राज्य की नदियों से होते हुए उत्तरप्रदेश के इलाके में स्थित हैं। इन्हीं पट्टों की जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को भारत सरकार की वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति के सदस्य किशोर रीठे और प्रेरणा बिंद्रा ने राजाजी नेशनल पार्क के निकट घाड़ क्षेत्र का दौरा किया। समिति सदस्यों ने पार्क अधिकारियों के साथ अनुमति के लिए दर्शाए गए पट्टों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही इस बात की भी जानकारी जुटायी कि संबंधित पट्टे पार्क की सीमा से कितनी दूर हैं और आने वाले समय में इन पट्टों पर खनन से वन्य क्षेत्र अथवा वन्य जीवों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जांच के बाद टीम संबंधित रिपोर्ट केंद्रीय बोर्ड को सौंपेगी। जिस पर खनन के पट्टों की अनुमति के बाबत निर्णय हो सकेगा। टीम के साथ राजाजी नेशनल पार्क के उपनिदेशक एचके सिंह भी मौजूद रहे।

क्या है सुप्रीम कोर्ट के आदेश
स्थायी समिति सदस्य किशोर रीठे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अभ्यारण्य क्षेत्र की सीमा से दस किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के प्रोजेक्ट को सीधे तौर पर अनुमति नहीं दी जा सकती। केंद्रीय वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति की जांच रिपोर्ट के बाद ही क्षेत्र में प्रोजेक्ट की अनुमति संभव है। क्षेत्र के निकट खनन के लिए भी स्थायी समिति की सिफारिश जरूरी है।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
क्षेत्र में जिस तरह से खनन माफिया ने नदियों की कोख को छलनी किया और उसके सीने को चौड़ा कर दिया। इस लेकर स्थायी समिति के सदस्यों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठाए है। सदस्यों का कहना था कि यदि नियमों के मुताबिक खनन के पट्टों को अनुमति दे भी दी जाए तो भी प्रशासन का दायित्व बनता है कि वह नियमों का अतिक्रमण न होने दें। केंद्रीय टीम के सदस्य किशोर रीठे एवं प्रेरणा बिंद्रा नदियों में हुए खनन को देखकर भौचक्के दिखाई दिए। उन्होंने माना कि नदियों और खनन के पट्टों पर नियमों को ताक पर रखकर खनन किया गया है। उन्होंने कहा कि खनन नीति शासन की ओर बनाई गई है। खनन के समय स्थानीय प्रशासन को इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए कि खनन की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान न पहुंचे।

टीम की जांच से मचा रहा हड़कंप
केंद्रीय टीम के दौरे के दौरान खनन माफिया में हड़कंप मचा रहा। यूपी और उत्तराखंड के स्टोन क्रशरों के पहिये थम गए। रास्तों से गुजरने वाले खनन के बड़े वाहन भी भूमिगत हो गए। केंद्रीय टीम की गाड़ी के पहुंचते ही क्षेत्र के खनन माफिया के फोन घनघनाने लगे। इस बात का भी पूरा ख्याल रखा गया कि गांव के लोग टीम के सदस्यों को क्या बता रहे हैं।

दो दिन से खाक छानती रही टीम
खनन के पट्टाें जांच करने के लिए केंद्रीय टीम दो दिन से घाड़ क्षेत्र की खाक छानती रही। राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारियों के साथ होने के बावजूद सच्चाई का पता लगाने के लिए टीम सदस्यों को खासी जद्दोजहद करनी पड़ी। टीम के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि खनन के पट्टों का जो नंबर उन्हें बताया जा रहा है। वह दिखाई जा रही जगह पर है भी या नहीं। टीम सदस्याें ने बताया कि उन्होंने डाक्यूमेंट्स के आधार पर जांच पूरी की है। साथ ही स्थानीय लोगाें से भी फीड बैक हासिल किया है।

पोंटी के बाद भी मौजूद है खनन की खनक
खनन के पट्टों की अनुमति के लिए केंद्र स्तर पर आवेदन करने वालाें में पोंटी के कई नजदीकी शामिल हैं। सूत्राें के मुताबिक इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल है जिन्होंने पोंटी की साझेदारी में खनन के पट्टों तथा स्टोन क्रशरों की अनुमति ले रखी है। यही साझेदार अब नए सिरे से खनन के पट्टों के अनुमति के जोड़तोड़ कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनुमति के लिए माफिया केंद्र स्तर पर सफेदपोशों से संपर्क बना रहे हैं।

कागज दिखाने में करते रहे आनाकानी
केंद्रीय टीम के समक्ष खनन के पट्टों के कागजात दिखाने के लिए माफिया ने कई पैंतरेबाजी दिखाई। टीम ने जब पट्टों के आवेदन और भूमि के कागजात मांगे तो आवेदनकर्ता कागज दिखाने में आनाकानी करते रहे। किसी ने कहा कि उनके कागजात सहारनपुर हैं तो किसी ने कहा देहरादून में रखे हैं। इस पर टीम को जांच करने में काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों समेत 7 लोगों को मारने वाली पर नहीं कर सकते रहम: हाईकोर्ट

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों और दादी समेत सात लोगों की हत्या करने वाली पर रहम नहीं किया जा सकता। उसकी और उसके प्रेमी की मौत की सजा बरकरार रहेगी।

18 जुलाई 2018

Related Videos

VIRAL VIDEO: जिला अस्पताल से आया रिश्वतखोरी का वीडियो

जिला अस्पतालों में रिश्वतखोरी कोई नई बात नहीं। इसी बीच हरिद्वार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल से फार्मासिस्ट के रिश्वत लेते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। चिकित्सा विभाग ने मामले में दो दिन के अंदर जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

17 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen