खनन के लिए खोद डाले रास्ते

Haridwar Updated Wed, 19 Dec 2012 05:30 AM IST
पथरी। खनन माफिया इतने बेलगाम हो गए हैं कि उन्हें न शासन-प्रशासन का डर है और न ही ग्रामीणों की समस्याओं से कोई लेना-देना। जहां रेत-बजरी दिखती है वहीं जेसीबी लगाकर शुरू हो जाते हैं खनन करने। देहात में इन्होंने श्मशान घाट के रास्ते तक खोद डाले हैं। अब खेतों को जाने वाले रास्ते भी नहीं छोड़ रहे हैं। रास्तों की खुदाई से किसानों के सामने गन्ने की ढुलाई का संकट पैदा हो गया है। लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
भुवापुर चमरावल गांव के निकट से बाणगंगा नदी बह रही है। इसके किनारे-किनारे से ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रालियों से अपने-अपने खेतों में जाते हैं। लेकिन अब खनन माफिया ने यह रास्ता भी रेत-बजरी के लिए खोद डाला है। रास्ता इतना संकरा कर दिया है कि इससे खाली ट्रॉली निकालना मुश्किल है। जबकि गन्ने की ढुलाई का सीजन शुरू हो गया है। इस गांव के निकट पहले खनन करने वालों ने श्मशान घाट को जाने वाला रास्ता खोद डाला था। तब ग्रामीणों ने लिखित मेें शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए थे। एक दिन लेखपाल मौके पर गया, लेकिन उसके बाद से पूरा मामला ठंडा पड़ा है। ग्रामीण इंद्रेश सैनी, सुखेंद्र, प्रमोद और सतीश आदि का कहना है खनन माफिया श्मशान घाट और खेत आदि के रास्ते खोद रहे हैं। लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। इन्होंने जिला प्रशासन से गांव के समीप हो रहे अवैध खनन पर शीघ्र रोक लगाने की मांग की है।

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