पुलिस के रहबर बने स्वामी शिव योगी

Haridwar Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
एमएस नवाज
हरिद्वार। अगवा छात्रा के अपहरणकर्ता तक पहुंचने के लिए पुलिस को कनखल दक्ष रोड निवासी स्वामी शिव योगी ने राह दिखाई। शिव ने ही 20 नवंबर को कनखल में नहर किनारे तनाव में बैठे हत्यारोपी छात्र विनीत को समझाकर घर भेजा था। घर पहुंचने पर छात्र ने शिव योगी के फोन पर उनके कहने के लिए अनुसार सकुशल पहुंचने की सूचना भी दी। यही एक मुलाकात और फोन काल हत्यारोपी छात्र का पर्दाफाश कर गई।
पुलिस की मानें तो छात्रा के अपहरणकर्ता ने जिस नंबर से कॉल की थी, वह फोन मुश्किल से चार-पांच बार इस्तेमाल हुआ था। फोन की आईडी मुज्जफरनगर के बोरपुर गांव के परविंदर नाम से थी। लेकिन, उसे ट्रेस में लेने पर कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। फोन से एक संदेश योगेश नाम के युवक को भेजा गया था तो एक कॉल 20 नवंबर को कनखल के स्वामी शिव योगी को की गई थी। पुलिस ने मंगलवार रात 11 बजे स्वामी शिव योगी से संपर्क साधा। उन्होंने पुलिस को बताया कि 20 नवंबर को कनखल गंगा घाट पर नीली जरसी पहले एक युवक काफी तनाव में बैठा था। कहीं गंगा में छलांग न लगा देे, इसलिए उन्होंने छात्र को समझाकर घर भेज दिया और उसे घर पहुंचर फोन करने की भी हिदायत दी। छात्र ने फोन करने के लिए चोरी किए गए मोबाइल का प्रयोग किया। बस यही एक फोन आरोपी छात्र तक पहुंचने का जरिया बन गया। स्वामी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रात में केंद्रीय विद्यालयों के सभी प्राधानाचार्यों को उठाया और 20 नवंबर का उपस्थिति रिकार्ड खंगाला। सूची में कई नामों के साथ हत्यारोपी छात्र विनीत का भी नाम था। बुधवार सुबह पुलिस ने सभी स्कूलों में शिव योगी से छात्रों की शिनाख्त भी कराई। इस दौरान आरोपी छात्र को पुलिस ने पहचान लिया। इसके बाद योगेश और विनीत के घर की तलाशी ली गई। आखिरकार विनीत के घर से फिरौती मांगने के लिए प्रयोग किया गया मोबाइल बरामद कर लिया गया।
उग्र स्वभाव का है विनीत
हरिद्वार।
अपने ही स्कूल में कक्षा दो की बच्ची की हत्या करने वाला 12 वीं के छात्र विनीत का स्वभाव शुरु से ही उग्र रहा है। उसके सहपाठियों का कहना है कि विनीत हर किसी के साथ लड़ने को उतारु रहता है। जरा जरा सी बेवजह की बातों पर वह मारपीट शुरु कर देता है। उसके सहपाठियों के अनुसार उसके साथी भी उसकी हर बात पर शक करते हैं। इसलिए उसे कोई भी खास तवज्जो नहीं देता।

विद्यालय प्रशासन पर उठ रही उंगलियां
हरिद्वार।
केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के अभिभावकों को अपने लाड़लों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। स्कूल प्रशासन सीधे सवालों के कटघरे में खड़ा हो रहा है कि आखिर एक स्कूल बैग लावारिस हालत में कक्षा में घंटों रहा और किसी ने नहीं पूछा आखिर बैग किसका है और वह बच्चा गया कहां। बच्चे के गुम होने की सूचना स्कूल की ओर से अभिभावकों को क्यों नहीं दी गई जबकि फोन से अपहरण की सूचना मिलने पर बच्ची के परिजन खुद ही स्कूल में आए।
बच्चों के अभिभावकों को चिंता सता रही है कि आखिर स्कूल में अनुशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी समझें।
और तो और बच्ची की हत्या भी स्कूल में ही कर दी गई। छात्रा को अगवा करने के लिए आरोपी छात्र विनीत सुबह सात बजे से पहले ही स्कूल आ गया था। चूंकि छात्रा के पिता भी उसे जल्द ही स्कूल छोड़ जाया करते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र ने छात्रा को अकेले देखकर उसे मैडम के बुलाने का बहाना देकर पीछे वाले टॉयलट के पास ले गया। वहां उसने छात्रा का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद छात्रा को दीवार से पीछे झाड़ियों में फेंक दिया गया। खुद दीवार फांदकर आरोपी छात्र ने छात्रा के सिर में ईंट से कई बार वार किया और उसे बोरे में डालकर छिपा दिया।
तनिष्का न बचा पाने का पुलिस को भी मलाल
अधिकारियों ने 24 घंटे तक बिना सोए लगा दी जान
हरिद्वार। अगवा छात्रा तनिष्का की बरामदगी के लिए पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के साथ नगर पुलिस की विशेष टीम एसएसपी अरुण मोहन जोशी के नेतृत्व में लगी हुई थी। लेकिन, तनिष्का को बचा न पाने का मलाल पुलिस को खल रहा है। मंगलवार दोपहर दो बजे अपहरण की सूचना के साथ शुरु हुआ अभियान बुधवार दोपहर में खत्म हुआ। लेकिन, लाख कोशिशें के बाद भी पुलिस बच्ची को नहीं बचा पाई।
दोपहर दो बजे सूचना मिलते ही सीओ सदर राजेश भट्ट मौके पर पहुंचे। कॉल डिटेल निकालने के लिए एसओजी को लगा दिया गया था। स्कूल के आस-पास के इलाकों में पुलिस ने कांबिंग भी की। शाम चार बजे पुलिस को कॉल डिटेल मिली। फोन की लोकेशन रानीपुर मोड सर्किल में आई। लिहाजा, पुलिस ने तुरंत रानीपुर मोड से लेकर बिडला धर्मशाला तक होटल-धर्मशालाओं में सर्च किया। रात भर तक सर्च अभियान चलता रहा। उधर, फोन की आईडी मुज्जफरनगर की मिलते ही पुलिस के होश फाख्ता हो गए। बोरपुर बस्ती मुज्जफरनगर के व्यक्ति से भी कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद रात 11 बजे पुलिस ने कनखल के स्वामी से बात की। रात को डेढ़ बजे से भेल ईएमबी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सोते हुए उठाया गया और स्कूल ले जाकर 20 नवंबर के रिकार्ड खंगाले गए। अलग-अलग टीमें इन कामों को कर रही थी। रात को ही सूची बनाने के बाद अल सुबह एसएसपी के नेतृत्व में तस्दीक करने का काम शुरु हुआ। सुबह ही पुलिस टीम कनखल से शिव योगी स्वामी को लेकर स्कूल पहुंच गई थी। सभी स्कूलों में तस्दीक अभियान चलाया। संदिग्ध दोनों छात्रों के घरों की तलाशी लेने के बाद दोपहर में पुलिस केा बच्ची के बारे में पता चल पाया। लेकिन, पुलिस ने जो सुना उससे पूरा महकमा मायूस हो गया। बताया जा रहा है कि रात भर जागे पुलिसकर्मियों की आंखे भी नम थी।

छात्रा की डायरी से मिली नंबर
हरिद्वार। छात्रा की हत्या करने के बाद आरोपी ने बैग से डायरी निकालकर उसकी मां का नंबर लिया। इसके बाद बैग को कक्षा के बाहर रख दिया। बताया जा रहा है कि बैग को छात्रा के सहपाठी कक्षा में ले गए।
क्लास भी अटेंड की छात्र ने
हरिद्वार। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र अपनी क्लास में आकर बैठ गया। बिना किसी झिझक के छात्र ने दोनों मीटिंग अटैंड की और हर पीरियड में पढ़ता रहा। उसके चेहरे पर किसी तरह का शिकन नहीं था। पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र ने किसी को घटना के बारे में नहीं बताया।
रानीपुर जाकर मांगी फिरौती
हरिद्वार। स्कूल से छूटने के बाद छात्र घर न जाने के बजाए रानीपुर मोड क्षेत्र पहुंचा। वहां उसने चोरी किए गए मोबाइल से छात्रा की मां बेबी पाल के नंबर पर फोन किया। इसके पीछे मंशा पुलिस को गुमराह करने की थी। शाम तक पुलिस इसी क्षेत्र में सर्च अभियान चलाती रही।
फोटो समाचार-
बदलते परिवेश ने बदल दी बच्चों की सोच
हरिद्वार।
बदलते सामाजिक परिवेश ने बच्चों की सोच भी बदलकर रख दी। मनोवैज्ञानिक डा. दीपेश चंद्र प्रसाद का कहना है कि इसके लिए टीवी सीरियल को भी गुनाहगार ठहराया। उनका कहना है कि दिन भर टीवी पर कत्लेआम, फिरौती, दूसराें को धोखा देकर बचनिकलने के गुर और अन्य कई तरह की तकनीके मुफ्त में सिखाई जा रही है जो बच्चों के दिलो दिमाग पर सीधा असर डालती हैं। दिन भर जब बच्चों को मर्डर और खून खराबा परोसा जाएगा तो बच्चे उसके लिए प्रैक्टिकल करने के लिए भी उत्सुकता दिखाते हैं।
शातिर अपराधियों के बीच रहेगा विनित
हरिद्वार।
केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 12वीं का छात्र विनित अपने ही स्कूल की कक्षा दो में पढ़ने वाली छात्र के अपहरण और हत्या का आरोपी है। पहले माना जा रहा था कि 12वीं में पढ़ने वाला विनित नाबालिग होगा। लेकिन स्कूल रिकोर्ड में उसके बालिग होने की पुष्टि हुई है। आपराधिक मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता तरसेम सिंह चौहान का कहना है कि नाबालिग आरोपियों का ट्रायल बच्चा कोर्ट (ज्युनाइल बोर्ड) जिसमें एक न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा दो सामाजिक कार्यकर्त्ताओं का बोर्ड सुनवाई करता है। इस स्थिति में अपराधी किशोर को सुधारगृह में भेजा जाता है। बालिग होने तक रखा जाता है। चूंकी पकड़ा गया आरोपी की उम्र 19 वर्ष है और वह बालिग की श्रेणी में आता है। आरोपी पर अपहरण और हत्या जैसे जघन्य अपराध किए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी का ट्रायल अपराध के अनुसार जिला सत्र न्यायाधिश की कोर्ट में चलेगा। जेल में उसके साथ आम कैदियों के जैसा व्यवहार किया जाएगा।

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