उद्योगों को रोज लाखों की चोट दे रही बिजली

Haridwar Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
रुड़की। बिजली कटौती उद्योगों को प्रतिदिन लाखों रुपये की चोट दे रही है। वर्किँग टाइम में छह से सात घंटे कटौती होने से काम प्रभावित हो रहा है। कई बार कर्मचारियों को खाली बैठना पड़ता है। चरमराई विद्युत व्यवस्था से उद्योग बंद होने की कगार पहुंच गए हैं।
पिछले काफी समय से क्षेत्र बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहा है। कटौती के कारण आम आदमी के साथ ही उद्योगपति और कारोबारी भी परेशान है। सबसे ज्यादा परेशानी उद्योगपतियों को हो रही है। वर्किंग समय यानी सुबह आठ से शाम छह बजे के बीच छह घंटे बिजली कटौती हो रही है। इससे फैक्ट्रियों में काम बाधित हो रहा है। यदि जेनरेटर आदि से मशीनों को चलाया जाता है तो तेल का खर्च बिजली से दोगुना हो जाता है। कटौती की वजह से फैक्ट्रियों में होने वाला मुनाफा अब घाटे में बदलता जा रहा है। यही वजह है कि उद्योग बढ़ने के बजाए बंद होने की स्थिति में आ रहे हैं।

जेनरेटर चलाएं तो लाखों में पहुंच रहा डीजल का खर्च
भगवानपुर क्षेत्र में छोटी-बड़ी 480 फैक्ट्रियां है। जिनमें हजारों की संख्या में श्रमिक और कर्मचारी कार्य करते हैं। बिजली कटौती होने से सभी फैक्ट्रियों में काम पर ब्रेक लग जाता है। यदि जेनरेटर से मशीनों को चलाया जाता है तो लागत दोगुनी हो जाती है। डीजल का खर्च लाखों में पहुंच रहा है। इससे फैक्ट्रियों को नुकसान हो रहा है। रुड़की, मंगलौर, झबरेड़ा, लंढौरा आदि क्षेत्र में भी 100 छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां है। यहां पर भी बिजली कटौती के कारण काफी नुकसान हो रहा है।

वादा नहीं निभा रही सरकार
औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम कपूर का कहना है कि जिस समय फैक्ट्रियां लगाई जा रही थीं, सरकार ने फैक्ट्री स्वामियों को 24 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया था। यह आश्वासन कुछ समय चला भी। लेकिन पिछले कुछ सालों से स्थिति खराब है। बिजली कटौती के कारण फैक्ट्रियां घाटे में जा रही हैं। इससे उद्योगपति निराश हैं। वे उद्योगों को बंद करने तक की सोच रहे हैं। यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो उद्योगों को बंद करने की स्थिति पैदा हो जाएगी।

जल्द सुधरेगी बिजली की स्थिति
ऊर्जा निगम के डीजीएम सईद अहमद का कहना है कि बिजली की जनरेशन कम हो रही है। जबकि मांग ज्यादा है। इसी वजह से बिजली कटौती हो रही है। दिसंबर माह में स्थिति सुधरने के आसार है। दिसंबर में पंजाब से बिजली आने शुरू हो जाएगी। क्षेत्र में इस समय प्रतिदिन 3.3 एमयू खपत है।

फसलों पर सिंचाई का संकट
बिजली कटौती के कारण फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है। देहात क्षेत्र में आठ से 12 घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है। बारिश न होने की वजह से खेतों की सिंचाई का पूरा दारोमदार ट्यूबवेल पर आ गया है। लेकिन कटौती होने की वजह से किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसान भी बेहद परेशान है।

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