लंढौरा में गरजा ‘महाबली’ का पंजा

Haridwar Updated Fri, 09 Nov 2012 12:00 PM IST
लंढौरा। कस्बे में ‘महाबली’ के पंजे ने एक दर्जन से अधिक अवैध मकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जेदाराें में हड़कंप मचा रहा। कब्जा हटाने के दौरान लोगाें ने विरोध भी जताया, लेकिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एएसडीएम के सख्त रुख के आगे किसी की नहीं चली। इस दौरान बड़ी मात्रा में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कस्बे के अवैध कब्जेदारों की सूची डीएम को भेजी गई थी। जिस पर डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका को अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रशासनिक टीम और पुलिस बल के साथ लंढौरा पहुंचीं। इस दौरान जेसीबी से एक दर्जन से अधिक अवैध मकानों को ढहा दिया गया। प्रशासन ने सबसे पहले लंढौरा-मंगलौर मार्ग पर कार्रवाई की। इसके बाद कब्रिस्तान की भूमि और गाधारोणा मार्ग पर अवैध कब्जों को हटाया। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में गांव के लोग एकत्र हो गए और उन्होंने इसका विरोध किया। लेकिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एएसडीएम के कड़े रुख के आगे किसी की नहीं चली। इस दौरान सीओ मंगलौर कमलेश उपाध्याय, नगर पंचायत ईओ एसके अग्रवाल, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं लेखपाल सहित बड़ी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद रही।

चेयरमैन का मकान ध्वस्त करने की उठी मांग
अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई जब लोग चेयरमैन के मकान को अवैध बताते हुए ध्वस्त करने की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि गरीब लोगाें पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि रसूखदारों को बख्शा जा रहा है। यही नहीं लोगाें ने पंचायत कर्मियों पर भी पैसे लेकर मकान ढहाए जाने की सिफारिश करने का आरोप लगाया। लेकिन प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कहकर कार्रवाई जारी रखी।

जेएम से नहीं दिया मिलने, भांजी लाठियां
ध्वस्त होते मकानों को रोकने के लिए लोगों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिलने की कोशिश की। लेकिन कामयाब नहीं हो सके। वहां मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगाें को रोकने के लिए लाठियां भी भांजीं।

बिलखते रहे लोग, नहीं चला किसी का जोर
जिन लोगों के आशियाने उनकी आंखाें के सामने जमींदोज हो रहे थे। वे हर पल अपने घरों को किसी तरह से बचा लेने की कोशिश कर रहे थे। महिलाएं बिलख रही थीं। कुछ महिलाएं बेसुध होकर जमीन पर लेट गईं। लोगाें का सामान सड़क पर था। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिली।

एक दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी
प्रशासन ने तेजी के साथ दर्जनों मकानों को ध्वस्त कर दिया। अपने मकानों को बचाने के लिए लोग इधर-उधर सिफारिशाें के लिए दौड़ते रहे और गुहार लगाते रहे। लेकिन हद यह रही कि प्रशासन फरियादियों को यह कहता रहा कि नगर पंचायत ने ही उनके अवैध मकानों को ध्वस्त करने की रिपोर्ट दी है, वहीं नगर पंचायत के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ते रही कि कार्रवाई प्रशासन की टीम कर रही है।

कब्रिस्तान की जमीन से भी हटाया गया कब्जा
अतिक्रमण अभियान के दौरान कब्रिस्तान की भूमि पर किए गए निर्माण को भी ढहा दिया गया। इस निर्माण को लेकर पिछले दो साल से विवाद चल रहा था। इस निर्माण को हटाने के लिए कई बार तनाव की भी स्थिति बनी।

कहां-कहां से हटाया अतिक्रमण
- मंगलौर- लंढौरा मार्ग पर
- लैला मजनू चौक पर
- कब्रिस्तान की भूमि पर
- गाधारोणा रोड पर

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