सेवादारों ने दिखाया जज्बा तो बदल गई गंगनहर की तस्वीर

Haridwar Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
रुड़की। डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायियों (सेवादारों) ने दिखा दिया कि जज्बा हो तो कुछ भी असंभव नहीं। गंगा की पवित्रता को घड़ियाली आंसु बहाने और सफाई के नाम पर करोड़ों डकराने वालों को सेवादारों ने उस समय आइना दिखा दिया जब गंदगी और झाड़ियों से अटे गंगनहर के घाट चमचमाने लगे। बृहस्पतिवार सुबह हजारों सेवादार पूरी तन्मयता के साथ गंगनहर में सफाई के लिए उतरे तो देखते ही देखते घाटों की तस्वीर बदलने लगी। शाम तक सेवादारों ने पालिका पुल से लेकर पथरी पुल तक गंगनहर के दोनों तरफ सफाई कर डाली। सेवादारों के इस जज्बे को देखने के लिए इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ भी जुटी रही।
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह ने इस बार अपने सफाई अभियान में नदी सफाई महा अभियान को शामिल किया था। इसके तहत ऋषिकेश से रुड़की तक गंगा की सफाई की गई। सफाई के लिए पूरे क्षेत्र को आठ जोन में बांटा गया था। पथरी पुल से आसफनगर रेगूलेटर तक की सफाई को जोन तीन में रखा गया था। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजते हजारों सेवादारों ने नगर पालिका पुल से सफाई अभियान शुरू किया। यहां अभियान का शुभारंभ पालिका अध्यक्ष प्रदीप बत्रा ने झाड़ू लगाकर किया। इसके बाद पालिका पुल से लेकर पथरी पुल तक गंगनहर के दोनों ओर सेवादार ही नजर आ रहे थे। अंबाला, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, करनाल, पलवल, होडल, पानीपत, रिवाड़ी आदि क्षेत्रों के हजारों सेवादार फावड़ा, बेलचा, तसला, कुल्हाड़ियां साथ लेकर आए थे। दिनभर अभियान चलाने के बाद गंगनहर की तस्वीर ही बदल गई। गंगनहर में गिरी गंदगी को साफ करने के साथ सेवादारों ने दोनों तरफ उगी झाड़ियों की भी सफाई कर डाली। हालांकि कुछ जगह पानी ज्यादा होने के कारण सेवादारों को सफाई में अड़चनें भी आईं। इन क्षेत्रों सफाई नहीं की जा सकी।

सच्चे मन से काम हो तो कुछ भी असंभव नहीं
गंगा की पवित्रता और अविरलता के लिए न जाने कितनी संस्थाएं बनी हैं। कभी कभार ये गैर सरकारी और धार्मिक संस्थाएं दिखावे के लिए सफाई अभियान चलाने का ढोंग भी करती हैं। भाजपा के शासनकाल में स्पर्श गंगा अभियान भी चलाया गया। करोड़ों रुपये इस अभियान पर खर्च किए गए, लेकिन गंगा और दूसरी नदियों की तस्वीर नहीं बदल सकी। लेकिन बृहस्पतिवार को डेरा सच्चा सौदा सिरसा के सेवादारों ने दिखा दिया कि यदि सच्चे मन से काम किया जाए तो सबकुछ हो सकता है।

तो सबक लेगा सिंचाई विभाग
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग हर साल गंगनहर की मरम्मत और सफाई के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत कराता है। लेकिन मरम्मत और सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही होती है। इस साल भी 22 अक्तूबर को सिंचाई विभाग ने गंगनहर को बंद कर दिया था। लेकिन अब तक सफाई के नाम पर कोई काम शुरू नहीं हुआ था। केवल कुछ जगह पर मरम्मत का काम चल रहा है। इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई काम नहीं होने से यह तय था कि गंगनहर के घाटों पर पसरी गंदगी और झाड़ियां जस के तस रहती हैं और पानी फिर से चालू कर दिया जाता। इस अभियान से सिंचाई विभाग को भी फायदा हो गया। अब सफाई पर उसका एक धेला खर्च नहीं होगा और गंगनहर के किनारे साफ भी हो गए। आज के अभियान ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिखा दिया कि जो काम विभाग लाखों रुपये खर्च करके नहीं कर सकता वह सेवादारों ने कर दिखाया।

परिवार सहित पहुंचे कई लोग
सफाई अभियान में हरियाणा से पहुंचे सेवादारों में कई ऐसे भी थे जो पूरे परिवार के साथ पहुंचे थे। मां-बाप आए तो बच्चों को भी साथ लाना पड़ा। छोटे-छोटे बच्चे भी इस अभियान में शामिल हुए। पानीपत के आठ साल के हंसराज और दस साल के संदीप का कहना था कि घर पर कोई नहीं था, इसलिए वे भी आ गए।

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