बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

गैंगवार की दिशा में बढ़ रहा केबल कारोबार

Haridwar Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
हरिद्वार। केबल व्यवसाय धर्मनगरी में एक बार फिर आपसी संघर्ष का सबब बन सकता है। शह और मात के इस खेल में अब तक काबिज व्यवसायी की बादशाहत ध्वस्त हो चुकी है, जबकि इस फील्ड के पुराने खिलाड़ियों ने नए नाम से केबल व्यवसाय पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है। वहीं, कुछ नए खिलाड़ी भी केबल कारोबार में हिस्सा लेने की जुगत में लगे हैं। इस बदलाव में लोकल ऑपरेटरों के बीच भी संघर्ष छिड़ गया है। कुछ आपरेटर्स ने जिलाधिकारी को भी इसकी शिकायत भेजी है।
विज्ञापन

हरिद्वार केबल व्यवसाय का इतिहास रक्त रंजित रहा है। करोड़ों रुपये के इस खेल में एक बार फिर उठापटक को दौर शुरू हो चला है। पिछले एक दशक से हरिद्वार केबल व्यवसाय पर एक छत्र राज करने वाले एक ग्रुप को रेस से बाहर कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो केबल व्यवसाय के पुराने ‘कैप्टन’ ने लोकल आपरेटर्स की मदद से पूरे मार्केट पर कब्जा जमा लिया है। पूरी तरह हावी हो चुके इस ग्रुप में साझीदार के तौर पर एक राजनेता के बेटे का नाम भी लिया जा रहा है। नए कारोबारियों ने हरिद्वार के कुल 66 लोकल आपरेटर्स को साथ जोड़ने में कामयाबी भी हासिल कर ली। पिछले सिर्फ एक महीने में सामने आए इस बदलाव से लोकल आपरेटर्स में भी विवाद उत्पन्न हो गया है। इलाकों में दबदबा रखने वाले कुछ नए आपरेटर्स फिलहाल संघर्ष का कारण बने हुए हैं। यही नहीं, कुछ नए लोग भी इस व्यवसाय में हाथ आजमाने को आतुर हैं। अभी शासन-प्रशासन को शिकायतों का दौर चल रहा है। लेकिन, धर्मनगरी का अब तक इतिहास गवाह है कि करोड़ों के कारोबार पर कब्जा जमाने की यह जद्दोजहद कभी भी खूनी संघर्ष में बदल सकती है। ,


इनसेट
ऐसे चलता है काम
केबल व्यवसाय के लिए मनोरंजन कर विभाग से लाइसेंस लेना पड़ता है। इसके बाद लोकल आपरेटर्स को साथ लाने की चुनौती होती है। जिसके साथ जितने ज्यादा लोकल आपरेटर्स होंगे, वही केबल व्यवसाय का बादशाह बनता है। लोकल आपरेटर्स को साथ जोड़ने को लेकर भी अक्सर तनातनी होती रहती है।


पहले हो चुकी हैं हत्या
हरिद्वार। केबल व्यवसाय पर काबिज होेने के लिए हरिद्वार में खून की नदियां बह चुकी हैं। भेल में केबल विवाद के चलते वर्ष 2004 में प्रभात धीमान को गोली मारी गयी। इससे पहले वर्ष 1992-93 में भी मर्डर हो चुका है। यही नहीं रुड़की में कैप्टन रघुवंशी का कत्ल भी केबल विवाद की ही देन था।

--नवाज--

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us