अल्ट्रासाउंड सेंटरों ने उड़ा दी नियमों की धज्जियां

Haridwar Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
हरिद्वार। स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने जिले में 48 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। गोपनीय तरीके से यह कार्रवाई बृहस्पतिवार और शुक्रवार को की गई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने हरिद्वार शहर और दूसरी टीम ने रुड़की क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाकर पड़ताल की। जांच में कई सेंटरों पर अनियमितताएं भी सामने आई हैं। जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन विभागीय सूत्राें की मानें तो कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों का जिन डाक्टरों के नाम पंजीकरण है, वे डाक्टर ही गायब थे। जबकि कई सेंटर तो जरूरी कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए। कुछ सेंटरों का पंजीकरण के समय दिया गया पता ही गलत मिला। उन्हें तलाशने के लिए अधिकारियों को खूब चक्कर काटने पड़े।
पीसी पीएनडीटी एक्ट यानी गर्भाधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम में 2012 में कई संशोधन हो गए हैं। जिन्हें जून से लागू किया चुका है। इसके बाद यह कानून काफी सख्त हो गया है। बदलाव के बाद प्रदेश में इस कानून के क्रियान्वयन के लिए हलचल तेज हो गई। इसकी खास वजह यह कि उत्तराखंड में 1991 के बाद तेजी से लिंगानुपात घटा है। लिंगानुपात कम होने की सबसे बड़ी वजह अल्ट्रासाउंड तकनीक का बढ़ता दायरा है। इसी के मद्देनजर प्रशासन की ओर से जिले में सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।

शहर से लेकर देहात तक खंगाले केंद्र
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रुड़की और हरिद्वार के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की थीं। टीमोें ने शहर और देहात के अल्ट्रासाउंड सेंटर खंगाले। अपर जिला चिकित्साधिकारी रुड़की डा. केसी ठाकुर के नेतृत्व में एक टीम ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को रुड़की शहर सहित देहात क्षेत्र में झबरेड़ा, मंगलौर और लंढौरा में कुल 38 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया। दूसरी ओर हरिद्वार शहर में वरिष्ठ चिकित्साधिकारी रेडियोलॉजिस्ट डा. मनीष दत्त ने 10 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया।

अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण रुटीन कार्रवाई के तहत किया गया है। सेंटरों पर थोड़ा बहुत कमियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
- डा. केसी ठाकुर, एसीएमओ रुड़की।

निरीक्षण में यह देखा गया कि सेंटर के पास रजिस्ट्रेशन है या नहीं। जिस डाक्टर के नाम पर रजिस्ट्रेशन है, वह मौजूद हैं या नहीं। पीसी पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानाें को फालो किया जा रहा है अथवा नहीं।
- डा. मनीष दत्त, रेडियोलॉजिस्ट (एसएमओ)

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