जुर्माना पर जुर्माना, फिर भी नहीं मान रहे स्टोन क्रशर

Haridwar Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
हरिद्वार। अवैध खनन सामग्री खरीदकर मालामाल होने वाले स्टोन क्रशरों की मनमानी पर रोक नहीं लग पा रही है। प्रशासन की ओर से कई बार स्टोन क्रशर सीज करने की कार्रवाई की जाती है फिर भी इन पर ओवर स्टॉक मिलता है। सख्त कार्रवाई नहीं होने से स्टोन क्रशर संचालक प्रशासन को हर बार ठेंगा दिखा देते हैं।
दिनरात धरती का सीना खोदकर अवैध खनन करने वाले माफिया को क्षेत्र में चोरी का माल बेचने में कोई दिक्कत नहीं होती। कई स्टोन क्रशर चोरी के माल की सबसे नजदीकी मंडी बने हुए हैं। खनन माफिया बिना कोई रायल्टी चुकाए खनन सामग्री चोरी करके लाते हैं और कई स्टोन क्रशर औने-पौने दाम में इसे खरीदकर जेबें भरने में लगे हैं। 30 जून से खनन पर पाबंदी लगी हुई है लेकिन इसके बावजूद कुछ स्टोन क्रशर का स्टॉक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की पड़ताल में भी यह सच सामने आ चुका है। ओवर स्टॉक और अन्य अनियमितताओं के चलते इसी माह प्रशासन की ओर से तीन स्टोन क्रशर सीज किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद जब भी चेकिंग करो, किसी ने किसी स्टोन क्रशर पर खनन सामग्री का अवैध स्टॉक मिलेगा। इसका मतलब साफ है कि सीज करने जैसी कार्रवाई से स्टोन क्रशर संचालक डरते नहीं हैं। अवैध खनन सामग्री खरीदने और ओवर स्टॉक करने वाले स्टोन क्रशरों के खिलाफ प्रशासन को अब कोई सख्त कदम उठाना पड़ेगा। अन्यथा की स्थिति में चूहे- बिल्ली का यह खेल चलता रहेगा।

जुर्माना भरकर फिर हो जाता काम शुरु
- स्टोन क्रशर को प्रशासन अधिक दिन तक सीज नहीं कर पाता। स्टोन क्रशर संचालक ओवर स्टॉक की रायल्टी और जुर्माना भर देते हैं और फिर धड़ल्ले से पुराने धंधे में जुट जाते हैं। अवैध खनन को शह देने वाले स्टोन क्रशर संचालक जान चुके हैं कि कुछ दिन तक सीज होने के अलावा अन्य कोई कार्रवाई नहीं होगी।

कुल मिलाकर फायदे का है सौदा
- अवैध खनन सामग्री खरीदने वाले स्टोन क्रशरों के लिए यह फायदे का सौदा है। सालभर औने-पौने दाम में अवैध खनन सामग्री खरीदकर अतिरिक्त स्टॉक जमा कर लेते हैं। साल-दो साल में पकड़े गए तो जुर्माना भर देते हैं। लेकिन अवैध खनन से इतनी कमाई कर चुके होते हैं कि एक-दो बार जुर्माना भरने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

लाइसेंस निरस्त की होनी चाहिए कार्रवाई
- अवैध खनन पर प्रशासन वास्तव में रोक लगाना चाहता है तो कुछ सख्त कदम उठाने ही पड़ेंगे। जो स्टोन क्रशर ओवर स्टॉक में एक बार सीज किए जा चुके और उन्हें जुर्माना वसूल कर दोबारा खोला गया है, ऐसे स्टोन क्रशर अगर फिर ओवर स्टॉक में पकड़े जाते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाना चाहिए। अगर कुछ स्टोन क्रशर के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई होगी तो बाकी के लिए यह नजीर बनेगी।
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पांच महीनों में 315 छापे
- प्रशासनिक टीमों की ओर से पांच महीने में अवैध खनन के खिलाफ 315 छापे मारे गए। इस दौरान अवैध खनन के आरोप में ट्रैक्टर-ट्रालियों और अवैध स्टॉक वाले स्टोन क्रशर से एक करोड़ 17 लाख 21 हजार 593 रुपये जुर्माना वसूला गया। प्रशासनिक टीमों ने अप्रैल में 44, मई में 125, जून में 77, जुलाई में 69 और अगस्त में 70 छापे मारे।
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- जिलाधिकारी की ओर से स्टोन क्रशरों पर लगातार निगरानी के आदेश दिए गए हैं। अवैध स्टॉक के चलते पिछले दिनों कई स्टोन क्रशर सीज किए गए। अगर फिर से ऐसे स्टोन क्रशर अवैध खनन सामग्री खरीदने के दोषी पाए तो उनका लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
- अरविंद कुमार पांडेय, एसडीएम हरिद्वार।

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