मुफ्त इलाज पर सिस्टम की ‘मार’

Haridwar Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
रुड़की। एनआरएचएम के तहत सरकारी अस्पतालों में भले ही गर्भवती महिलाओं को निशुल्क उपचार और जांच की सुविधा मुहैया कराने के दावे किए जाते हाें। लेकिन, धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। दरअसल, सरकारी तंत्र की लापरवाही से गर्भवती महिलाओं को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिविल अस्पताल में हाल यह है कि यहां गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। क्योंकि, रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप पड़ी है।
पिछले 10 दिन से सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट के चले जाने से यह समस्या खड़ी हुई है। गर्भवती महिलाओं को इससे खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। क्योंकि, उनके लिए सरकारी अस्पतालों में उपचार और जांच की सुविधा निशुल्क है। गर्भवती महिलाओं पर अस्पताल से प्राइवेट सेंटर में जांच के लिए दौड़भाग और मोटी फीस चुकाने से दोहरी मार पड़ रही है। लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार निशुल्क इलाज का दावा कर रही है तो दूसरी ओर अस्पतालों में जांच की सुविधा तक नहीं मिल रही।

क्या है आरसीएच योजना
रुड़की। राज्य सरकार की ओर से एनआरएचएम के तहत रेप्रोडएक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) योजना चलाई जा रही है। सिविल अस्पताल में चार जून 2011 से यह सुविधा संचालित है। इसके तहत अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का उपचार, खून, यूरीन और अल्ट्रासाउंड जांच सहित प्रसव कराने की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। यहां तक की ओपीडी पर्ची शुल्क भी नहीं लिया जाता। प्रसव के बाद गंभीर बीमारी पर जच्चा-बच्चा के मुफ्त इलाज की भी सुविधा है। एंबुलेंस की मदद से प्रसूति महिला और नवजात को अस्पताल से घर तक छोड़ा जाता है। इस योजना का मकसद सुरक्षित प्रसव और जच्चा-बच्चा की मृत्युदर को कम करना है।
इनसेट...
घट रही गर्भवती महिलाओं की संख्या
रुड़की। सिविल अस्पताल में चार जून 2011 से लेकर अब तक करीब दो हजार गर्भवती महिलाएं आरसीएच योजना का लाभ उठा चुकी हैं। इस अवधि में गर्भवती महिलाओं की 2180 निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच हुई। अस्पताल में प्रतिदिन 12 से 15 गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच होती थी। लेकिन, पिछले 10 दिन से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। एक भी गर्भवती महिला को निशुल्क जांच सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है। अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं मिलने से इलाज को आने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या में गिरावट आ रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो 13 अगस्त को जहां आरसीएच के तहत 14 महिलाओं ने पंजीकरण कराया। वहीं 14 अगस्त को 11 और 16 अगस्त को 14 महिलाएं आईं। जबकि, 17 अगस्त को महज सात और 18 अगस्त को महज पांच महिलाओं ने आरसीएच के तहत पंजीकरण कराया।

आरसीएच के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क उपचार की सुविधा है। इसमें से सिर्फ अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। शेष सभी सुविधाएं पूर्ववत मिल रही हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने के वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं।
- डा. रविंद्र थपलियाल, सीएमएस

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