विज्ञापन

कब मिलेंगे डाक्टर साहब?

Haridwar Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
रुड़की। डाक्टरों की कमी से बीमार सिविल अस्पताल की ‘सेहत’ बृहस्पतिवार को और बिगड़ गई। एकाएक पांच डाक्टराें के छुट्टी पर रहने से अस्पताल की ओपीडी चरमरा गई। मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। नौबत ऐसी आ गई कि पैथोलॉजिस्ट को भी मरीज देखने पड़े। इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे फिजिशियन को ओपीडी में भी बैठना पड़ा। जबकि ईएनटी विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी पर भी ताले लटके रहे।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में पहले ही आधे से अधिक डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके बावजूद पिछले दिनों तबादला प्रक्रिया के तहत अस्पताल के चार डाक्टरों का स्थानांतरण कर दिया गया। जिसके सापेक्ष अस्पताल को तीन डाक्टर दिए गए। इसमें से भी दो डाक्टरों ने ही ज्वाइनिंग दी है। डाक्टरों की कमी से जैसे तैसे चल रही अस्पताल की गाड़ी बृहस्पतिवार को पटरी से उतर गई। अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ लंबे अवकाश पर हैं। जबकि बृहस्पतिवार को वरिष्ठ चिकित्सक डा. अतुल त्रिपाठी और ईएनटी विशेषज्ञ डा. टी खान अवकाश पर चले गए। पिछले काफी दिनों से छुट्टी पर चल रहे चर्म रोग विशेषज्ञ डा. एमएमपी सिंह को बृहस्पतिवार को आना था, लेकिन निजी कारणों से उनका अवकाश और बढ़ा दिया गया। जिसके उनकी ओपीडी भी बंद रही। ऐसी स्थिति में जब फिजीशियन का ओपीडी में रहना आवश्यक था, लेकिन उन्हें इमरजेंसी ड्यूटी पर लगा दिया गया। हालांकि हालात देखते हुए फिजीशियन ने ओपीडी में भी मरीज देखे। उनकी ओपीडी में भारी भीड़ रही, लेकिन इमरजेंसी में मामले आने के चलते फिजीशियन बीच-बीच में उठकर इमरजेंसी जाते रहे। जिसके चलते ओपीडी प्रभावित होती रही और मरीज परेशान रहे। इलाज के लिए भटकते मरीजों को संभालने के लिए पैथोलॉजिस्ट डा. रजत सैनी को कक्ष संख्या एक में बैठकर मरीज देखने पड़े। विशेषज्ञ डाक्टरों के अभाव में नियमित मरीज परेशान रहे।

नहीं खुला अल्ट्रासाउंड कक्ष के ताला
रेडियोलॉजिस्ट के इस्तीफा के बाद सिविल अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सेवा ठप हो गई है। एक सप्ताह से सिविल अस्पताल का अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद पड़ा है। स्वास्थ्य महकमा रेडियोलॉजिस्ट का इंतजाम करने में नाकाम साबित हो रहा है। ऐेसे में रोजाना रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को प्राइवेट सेंटरों पर जाना पड़ रहा है। जहां अधिक फीस चुकानी पड़ रही है।

जो डाक्टर छुट्टी पर हैं, उनके कारण जायज हैं। समस्या छुट्टी की नहीं, बल्कि डाक्टरों की कमी की है, पर्याप्त डाक्टर रहेंगे तो किसी एक डाक्टर के अवकाश चले जाने का असर नहीं पड़ता। इसी सिलसिले में मैं निदेशालय आया हुआ हूं। अस्पताल के वाकिफ कराते हुए डीजी के समक्ष डाक्टर्स की मांग रखी गई है।
- डा. रविंद्र थपलियाल, सीएमएस

सिविल अस्पताल की हालत
कुल डाक्टरों के पद = 20
कुल तैनाती : 14
ओपीडी में होने चाहिए : 11
बृहस्पतिवार को रहे : 5
अवकाश पर थे : 5
तबादला होकर आए एक डाक्टर ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। अ

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Jammu

J&K: शोपियां से अगवा 3 एसपीओ की आंतकियों ने की हत्या, 1 को किया रिहा

जम्मू कश्मीर के शोपियां से शुक्रवार सुबह 4 पुलिसवालों के अपहरण की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जिन पुलिसवालों का अपहरण हुआ है उनमें 3 एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस अफसर थे।

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: उत्तराखंड में बाढ़ का कहर, बह गया तेल का पूरा टैंकर

एक भयानक मंजर देखने को मिला श्यामपुर थाना क्षेत्र की कोटावाली नदी में जब उफान में एक बड़ा पेट्रोल टैंकर ही बह गया। बताया जा रहा है कि टैंकर में सवार पांच लोगों में से चार को सुरक्षित निकाला गया जबकि ड्राइवर का कुछ पता नहीं चल सका।

24 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree