संत बताएं, देश के लिए क्या-क्या किया जाए

Haridwar Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने संतों से विचार विमर्श में हिंदु समाज के भटकाव पर चिंता जताई। समाज को संगठित करने के लिए उन्होंने संतों से सहयोग की मांग की। कहा कि समय आ गया है कि एक बार फिर संत बताएं कि देश के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए।
दो दिवसीय यात्रा पर हरिद्वार पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को भारत माता मंदिर के समन्वय भवन में संतों के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने चिंता जताई कि देश में हिंदु समाज के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं मिल रहा है। जिसके कारण राष्ट्र कई सवालों के जवाब पूछ रहा है। मोहन भागवत ने कहा राष्ट्र की आवश्यकताओं पर संतों से सदैव प्रेरणा मिलती रही है। समय आ गया है कि एक बार फिर संत बताएं कि देश के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए।
मोहन भागवत ने पूछा कि देश ही नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कैसा बनाना है, संतों को बताना होगा। हिंदुओं के व्यापक हितों के लिए तभी काम हो सकता है जब भगवाधारियों का वह वर्ग दिशा दे जो हिंदू समाज पर प्रभाव रखता है। भागवत ने स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर होने वाले समारोह एवं कश्मीर समस्या की चर्चा भी संक्षिप्त रूप में की। भागवत ने कहा कि कश्मीर भारत का अंग है और उसे कोई जुदा नहीं कर सकता। भारत माता मंदिर के समन्वय भवन में करीब 100 संतों एवं विहिप के करीब 25 नेताओं के बीच भागवत ने संतों के साथ राष्ट्र के सम्मुख उपस्थित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
इनसेट
हिंदू समाज को संगठित करे संघ
हरिद्वार। संतों ने मोहन भागवत से आग्रह किया कि वे हिंदू समाज को और अधिक संगठित करें। संत समाज, गांव-गांव जाकर चेतना उत्पन्न करने का प्रयास करता है। वक्ताओं ने कहा कि संतों द्वारा उत्पन्न चेतना किसी संगठन के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि हिंदुत्व की उपेक्षा होती रही तो देश की पवित्र नदियों और तीर्थों का अस्तित्व नहीं रह जाएगा। संतों ने कश्मीर को अखंड भारत का अंग बताया।
इनसेट
कई अखाड़ाें-आश्रम में पहुंचे भागवत
दो दिनों से हरिद्वार में रुके मोहन भागवत ने रविवार को भी कई अखाड़ों और निजी आश्रमों में साधु-संतों से कई बिंदुओं पर चर्चा की। मीडिया से दूसरे दिन भी कोई बात करने से इंकार करते हुए भागवत ने केवल इतना कहा कि चिंतन का दौर चल रहा है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि से बंद कमरे में वार्ता में मोहन भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात देश ऐसे लोगों के हाथों में आ गया है, जिन्होंने हिंदुत्व का कोई उद्धार नहीं किया। समाज में छाई निराशा को संस्कार से भी दूर किया जा सकता है। कनखल और सप्तसरोवर के विभिन्न आश्रमों में उनका स्वागत किया गया। सरसंघ चालक का हरिद्वार दौरा इस बार विशुद्ध रूप से संतों के नाम रहा।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

दाती महाराज के आश्रम में रहने वाली बच्चियों पर सनसनीखेज खुलासा

रेप के आरोप में फंसे दाती मदन के पाली स्थित आश्रम में रह रही बच्चियां कहां की हैं और कहां से आई हैं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।

22 जून 2018

Related Videos

VIDEO: उत्तराखंड पर चढ़ा ‘योग’ का रंग

चौथे योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे। वहीं उत्तराखंड के कई शहरों में योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दिया।

21 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen