समारोह छीन रहे खिलाड़ियों का हक

Haridwar Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
रुड़की। जिस स्टेडियम पर पहला हक खिलाड़ियों का होना चाहिए। उसका इस्तेमाल खेलों के लिए नहीं बल्कि शादी समारोहों और मेले आदि के आयोजनों के लिए किया जा रहा है। कई बैंक्विट हॉल होने के बावजूद शहर का एक मात्र नेहरू स्टेडियम कई शादियों का गवाह बन रहा है। अन्य आयोजन भी एक के बाद एक होते रहते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के खेलने के लिए मैदान खाली ही नहीं हो पा रहा है। खिलाड़ियों को खेतों और प्लाटों में प्रैक्टिस करनी पड़ रही है।
शहर के बीचोंबीच करीब नौ हजार वर्ग मीटर में स्थापित नेहरू स्टेडियम खेल और प्रैक्टिस के लिए एकमात्र उपयुक्त स्थान है। लेकिन नगर पालिका की उपेक्षाहीन नीति के चलते यह खिलाड़ियों के काम नहीं आ रहा है। खेलों के बजाय स्टेडियम में शादी समारोह और मेले जैसे आयोजनों को तरजीह दे रही है। स्टेडियम महीने भर में औसतन 20 दिन आयोजनों के लिए बुक रहता है। यह हाल तब है जब शहर में करीब एक दर्जन बैंक्विट हॉल हैं। लेकिन पालिका कभी जनप्रतिनिधियों के दबाव में तो कभी कमाई के लालच में स्टेडियम को आयोजकों के हवाले कर देती है।

कब-कब हुए आयोजन
हाल ही में स्टेडियम में 20 दिनों लगाए गए मेले का आयोजन समाप्त हुआ है। इससे पूर्व 24 जून को वीआईपी शादी भी इस स्टेडियम में हुई थी। पूरे स्टेडियम को सजाने के लिए दस दिन पूर्व से यहां बल्लियां और तंबू गड़ने लगे थे। इसके चलते क्रिकेट टूर्नामेंट को भी आयोजकों को स्थगित करना पड़ा था। जनवरी माह में विधानसभा चुनावों के दौरान रैलियों और हेलीपेड के लिए स्टेडियम का इस्तेमाल होता रहा। फरवरी से लेकर अप्रैल तक शादियों के सीजन में स्टेडियम कभी कभार ही खाली दिखाई दिया।

मैदान के अभाव में यहां करते हैं प्रैक्टिस
- कलियर मार्ग पर सोलानी नदी के सूखे स्थान पर।
- आदर्शनगर में जैन धर्मशाला के समीप पडे़ खेत पर।
- ढंडेरा फाटक के बराबर में पड़ी खाली जगह पर।
- रामनगर के अंतिम छोर पर पड़े खाली प्लाटों पर।
- इमलीरोड पर सोलानी नदी के समीप खाली प्लाटों पर।
- ईदगाह रोड के सामने पड़े खाली प्लाट पर।

बदहाली के आंसू बहा रहा स्टेडियम

रुड़की। नगर पालिका को न तो खिलाड़ियों की परवाह है और न ही स्टेडियम के मेंटीनेंस की फिक्र। स्टेडियम की टीन शेड कई माह से टूटी पड़ी है। जिसे पालिका प्रशासन ठीक कराने की जहमत नहीं उठा रहा है। इसके अलावा ऊबड़-खाबड़ मैदान, खराब पड़ी लाइटें और गंदगी से अटे शौचालय। फिलहाल यही नेहरू स्टेडियम की तस्वीर नजर आ रही है।
शहर का एक मात्र स्टेडियम अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कोई अच्छे भले मैदान में गड्ढे खोदकर भट्टी लगाकर छोड़ जाता है। तो कोई झूला चरखी से मैदान को खराब कर देता है। हाल यह है कि मैदान में लंबी लंबी घास उग गई है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। हर जगह कंकड़ और पत्थर मैदान में बिखरे पड़े हैं। गुरुद्वारा वाली तरफ का लोहे का गेट बीते दिनों आयोजन का समान लेकर जा रहे ट्रक की टक्कर से टूटा पड़ा है। शौचालयों के दरवाजे और छत पर लगी पानी टंकी भी टूटी पड़ी है। पानी के नल चोर उखाड़ ले गए हैं। दर्शको के लिए बने टीन शेड टूट रहे हैं और नीचे गिर गए हैं। सीमेंट की बनी सीढ़ियां भी दरक रही हैं। लाइटें काफी समय से खराब पड़ी हैं। खिलाड़ियों के पीने के पानी व्यवस्था नहीं है। हां, आयोजन करने वालों के लिए जरूर मोटर पंप लगाया गया है। जिस पर नगर पालिका ताला लगाकर रखती है।

कोट
कई बार पूर्व में बुकिं ग के चलते खिलाड़ियों के लिए जगह नहीं मिल पाती है। खेल के आयोजनों के लिए खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पालिका अधिकारियों को भी आदेश जारी किए जाएंगे। साथ ही नेहरू स्टेडियम में मैदान को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।
- प्रदीप बत्रा, विधायक और पालिकाध्यक्ष रुड़की

Spotlight

Most Read

Meerut

दो सगी बहनों से साढ़े चार साल तक गैंगरेप, घर लौट आई एक बेटी ने सुनाई आपबीती

दो बहनों का अपहरण कर तीन लोगों ने साढ़े चार वर्ष तक उनके साथ गैंगरेप किया। एक पीड़िता आरोपियों की चंगुल से निकल कर घर लौट आई। उसने परिवार को आपबीती सुनाई।

21 जनवरी 2018

Related Videos

हरिद्वार जिला जेल से मिली ये जानकारी आपको चौंका देगी

उत्तराखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल हरिद्वार जिला जेल में 16 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।

24 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper