मेरिट में छूट के लिए दिखाना होगा सर्टिफिकेट

Haridwar Updated Wed, 08 Aug 2012 12:00 PM IST
हरिद्वार। कालेज मेें एडमिशन की राह में जाति प्रमाण पत्र रोड़ा बन गए हैं। स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए कट ऑफ मेरिट जारी की गई है। आरक्षित श्रेणी के छात्रों को सामान्य वर्ग की कट ऑफ मेरिट में छूट के लिए जाति प्रमाण पत्र की दरकार है। तहसील में पहले लेखपालों के कार्य बहिष्कार और अब भीड़ के चलते प्रमाण पत्र समय से नहीं बन पा रहे हैं। जिसके चलते अभ्यर्थियों को दाखिला लेने में दिक्कत आ रही है।
एसएमजेएन कालेज में बीए में प्रवेश के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की कट ऑफ मेरिट 51 प्रतिशत तय की गई है। यहां पर ओबीसी, एससी, एसटी आदि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियोें के लिए अर्हता परीक्षा में न्यूनतम अंक का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। 320 सीटों पर प्रवेश के लिए मारामारी है। मेरिट लिस्ट में करीब 100 अभ्यर्थी ऐसे रह गए हैं, जिनके अर्हता अंक 51 फीसदी से कम हैं। इनमें से कई अभ्यर्थी आरक्षित श्रेणी के हैं लेकिन उन्होंने आवेदन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र नहीं लगाया है। यही हाल बीएससी में प्रवेश को लेकर है। गुरुकुल कांगड़ी विवि में 31 जुलाई तक प्रवेश के लिए पंजीकरण हुए। यहां पर कई स्थानीय छात्रों को प्रमाण पत्र नहीं होने के चलते दाखिले में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया है। शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी ऐसी ही तस्वीर है।

45 ने किया दावा, वापस लौटाया
मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद मंगलवार से एसएमजेएन कालेज में प्रवेश प्रारंभ हो गए हैं। पहले दिन बीए में दाखिले के लिए आए 25 छात्र-छात्राओं ने आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार बताते हुए कट ऑफ मेरिट में छूट मांगी लेकिन उनके पास प्रमाण पत्र नहीं था। बीएससी में प्रवेश के लिए आए 20 छात्रों ने भी बिना किसी प्रमाण पत्र के आरक्षित वर्ग का होने का दावा किया। कालेज प्रशासन ने इन छात्रों को जाति प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा है। जिसके चलते इन छात्रों को बिना दाखिला लिए कालेज से वापस लौटना पड़ा।

छात्रवृत्ति के लिए नहीं कर सके आवेदन
जाति और आय प्रमाण पत्र नहीं होने के चलते माध्यमिक विद्यालयों के कई छात्र छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सके हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति की सूचियां 31 जुलाई तक मांगी गई थी। लेकिन इस अवधि में तहसील में प्रमाण पत्र बनवाने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही थी। जिसके चलते छात्रों के प्रमाण पत्र नहीं बन पाए। मायापुर निवासी अनीता ने बताया कि प्रमाण पत्र नहीं होने के चलते वह छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पाई। अब समाज कल्याण विभाग की ओर से आवेदन जमा करने की तिथि बढ़ाए जाने पर उम्मीद टिकी है।

प्रमाण पत्रों के लिए तहसील में लगी भीड़
दाखिले और छात्रवृत्ति के लिए जाति एवं आय प्रमाण पत्र चाहिए। इसीलिए आजकल तहसील में छात्रों और अभिभावकों की भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र प्रमाण पत्र बनवाने आए थे। अभिभावक संजय ने बताया कि शीघ्र ही जाति प्रमाण पत्र नहीं मिला तो बेटी का दाखिला नहीं हो पाएगा।
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रसीद और शपथपत्र भी होगा मान्य
हरिद्वार।
तहसीलदार ऋषिपाल सिंह चौहान का कहना है कि पहले लेखपालों के कार्यबहिष्कार के चलते दिक्कत हुई। अब प्रमाण पत्र बनाने का काम ढर्रे पर आ गया है। एडमिशन के दौर में छात्र-छात्राओं के लिए दिक्कत नहीं हो, इसके लिए सीएम की ओर से आदेश जारी किया गया है। प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन जमा करने के बाद तहसील से जो रसीद मिलती है, अभ्यर्थी उसके साथ एक शपथपत्र लगाकर कालेज में जमा करा दें। कालेज को इसी के आधार पर दाखिला देना होगा। शर्त यह होगी कि प्रमाण पत्र बनने के बाद उसकी एक प्रति कालेज में जमा करानी होगी। इसके लिए कालेज की ओर से छात्रों को समय दिया जाएगा।

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