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हरिद्वार शहर के मेला अस्पताल में शुरू हुई डायलिसिस यूनिट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 17 Apr 2019 09:27 AM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
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किडनी के मरीजों के लिए यह अच्छी खबर है कि मेला अस्पताल में डायलिसिस की यूनिट शुरू हो गई है। मरीजों को अब देहरादून और चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा और कम खर्चे में ही मेला अस्पताल में यह सुविधा मिलेगी। मेला अस्पताल में लगाई गई डायलिसिस यूनिट मंगलवार को शुरू हो गई। पहले दिन दो मरीजों की डायलिसिस कर इसका सफल प्रयोग हुआ। खास बात यह है कि इस यूनिट में एक साथ 10 मरीजों की डायलिसिस करने की सुविधा है। इसपर मात्र 1999 रुपये खर्चा आएगा, जबकि आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को निशुल्क उपचार दिया जाएगा।
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हरिद्वार जिले में अभी तक किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं थी। ऐसे में यहां के मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए देहरादून, चंडीगढ़ आदि बड़े शहरों में जाना पड़ता था। इससे मरीजों के साथ उनके परिजनों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पिछले डेढ़ साल से मेला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू करने के प्रयास किए जा रहे थे। डायलिसिस यूनिट के संचालन का काम पीपीपी मोड पर चंडीगढ़ की राही केयर एजेंसी को सौंपा गया।

सीएमओ डा. प्रेमलाल ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में दस बेड होने के चलते एक बार में दस मरीजों को डायलसिस दी जा सकेगी। एक बेड एचसीवी पॉजिटिव मरीजों के लिए आरक्षित होगा। एचसीवी हेपेटाइटिस सी वायरस से संक्रमित लीवर से संबंधित बीमारी होती है। डायलिसिस सुबह आठ से 12, दोपहर एक से शाम 6 बजे तक दो शिफ्टों में होगी। डायलिसिस यूनिट के इंचार्ज शेखर को बनाया गया है। मेला अस्पताल के अधीक्षक डा. राजेश गुप्ता ने बताया कि यूनिट के शुभारंभ होने पर पहले दिन दो मरीजों की डायलिसिस की गई।

निजी अस्पताल से सस्ता चार्ज
मेला अस्पताल में डायलिसिस की एक बार की फीस 1999 रुपये तय की गई है। यदि मरीज आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत है तो उसे सुविधा का लाभ निशुल्क दिया जाएगा। हालांकि प्राइवेट अस्पताल में डायलिसिस का खर्च 5 से 10 हजार रुपये तक आता है। कई निजी हॉस्पिटल में यह खर्च 15 हजार रुपये तक आता है।

डायलिसिस यूनिट में यह तैनात स्टाफ
डायलिसिस यूनिट में नेफ्रोलॉजिस्ट, डायलिसिस असिस्टेंट, स्टाफ नर्स, स्वीपर, वार्ड ब्वाय और मशीन सर्जन आदि की भी तैनाती की गई है। जिस स्टाफ की आवश्यकता होगी, इसके लिए मेला के साथ जिला अस्पताल के डॉक्टरों की भी सेवा ली जाती रहेगी।

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