खनन के लिए शारदा का डाउन स्ट्रीम गेट खुला, कारोबारियों ने नहीं की निकासी

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 10:46 PM IST
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शारदा के डाउन स्ट्रीम में खनिज निकासी गेट का फीता काटकर शुभारंभ करते एसडीओ वन रामकृष्ण मौर्य, थान
शारदा के डाउन स्ट्रीम में खनिज निकासी गेट का फीता काटकर शुभारंभ करते एसडीओ वन रामकृष्ण मौर्य, थान - फोटो : TANAKPUR

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टनकपुर (चंपावत)। वन निगम के खनन प्रभाग ने सोमवार से शारदा से खनिज निकासी के लिए डाउनस्ट्रीम का गेट खोल दिया है, लेकिन फिलहाल खनन कारोबारियों ने उपखनिज की निकासी नहीं की है। इसके चलते पहले दिन उपखनिज निकासी की मात्रा शून्य रही है। शासन से प्रारंभिक तौर पर 85 हजार घन मीटर उपखनिज निकासी की अनुमति मिली है, जो एक पखवाड़े में बढ़कर करीब पांच लाख घन मीटर तक हो सकती है।
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वन विभाग के एसडीओ रामकृष्ण मौर्या और थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने सोमवार को डाउनस्ट्रीम के गेट का फीता काट निकासी का शुभारंभ किया। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि फिलहाल शासन की ओर से 85 हजार घन मीटर खनिज निकासी की अनुमति मिली है। उनका कहना है कि 15 दिन के अंदर खनिज निकासी की मात्रा 85 हजार से बढ़ाकर पांच लाख घन मीटर किया जा सकता है। उनके मुताबिक तकनीकी पेच के कारण शारदा के अपस्ट्रीम से खनन की अनुमति नहीं मिल पाई है, लेकिन जल्द ही तकनीकी बाधा को दूर कर अपस्ट्रीम में भी खनन शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इधर निगम ने भले ही खनिज निकासी गेट खोल दिया हो, लेकिन अपस्ट्रीम का गेट न खोलने से खनन कारोबारियों ने पहले दिन उपखनिज की निकासी नहीं की। उनका कहना है कि सिर्फ डाउनस्ट्रीम के एक अकेले तौल कांटे से खनन में लगे एक हजार से अधिक वाहनों से निकासी संभव नहीं है। इससे अव्यवस्था भी सकती है।
खनन कारोबारियों ने किया नई खनन भंडारण की नीति का विरोध
टनकपुर (चंपावत)। खनन कारोबारियों ने कहा कि सरकार की खनिज भंडारण संबंधी नई नीति और शारदा के अप स्ट्रीम से खनन की अनुमति के बगैर खनिज निकासी संभव नहीं है। उन्होंने खनन को लेकर छह सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की है।
शारदा के अप स्ट्रीम के नायकगोठ निकासी गेट पर हुई खनन कारोबारियों की बैठक में सरकार की नई खनिज भंडारण नीति का कड़ा विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि नई नीति में सिर्फ खनन पट्टाधारकों या फिर स्टोन क्रशर मालिकों को ही उपखनिज भंडारण की अनुमति मिलेगी। इससे खनन व्यवसाय में लगे लोग बेरोजगारी का दंश झेलने को विवश होंगे। उन्होंने पूर्व की भांति खनिज भंडारण की नीति लागूू करने के साथ ही शारदा के अपस्ट्रीम से भी खनन की अनुमति देने, खनिज निकासी मार्गों की दशा सुधारने, टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए बनाई की जा रही एनएचपीसी की सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता देने, डाउनस्ट्रीम में खनिज निकासी के लिए दो और नए तौल कांटे लगाने, नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन न करने की मांग की है। खनन कारोबारियों का कहना है कि सिर्फ डाउनस्ट्रीम में खनन खोलने से खनन में पंजीकृत एक हजार से अधिक वाहनों से रोज निकासी संभव नहीं है। बैठक की अध्यक्षता मां शारदा शक्तिमान ट्रक यूनियन के अध्यक्ष आनंद सिंह महर अन्नी ने की। बैठक में महेश सिंह, अमजद हुसैन, पवन पांडेय, जगदीश कुमार, सुरेश महर, अमित सिंह, दीपक जोशी, सुनील सिंह, राकेश सक्सेना, चंदन सिंह, सुभाष कटोच, नजीब हुसैन, दीपक विट्ठल, रियासत हुसैन, राजेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह, दीवान महर, सतीश कटोच, चंदन बिष्ट आदि थे।
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