पहली बार अपने गांव में वोट डालेंगे लोग

Champawat Updated Tue, 06 May 2014 05:31 AM IST
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चंपावत। तीन तरफ नेपाल से लगे थपलियालखेड़ा के लोगों को सात मई को लोकसभा चुनाव में वोट देने के लिए आठ किमी की दौड़ नहीं लगानी पडे़गी। इस गांव के लोग लोकसभा चुनाव में पहली बार अपने गांव में वोट देंगे। यहां के लोगों को मतदान के लिए न तो लंबी दौड़ लगानी होगी और न ही लाइन लगानी पड़ेगी।
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सैलानीगोठ ग्राम पंचायत के तहत आने वाले वन गांव थपलियालखेड़ा काली के पूर्व में बसा इकलौता भारतीय गांव भी है। काली नदी भारत-नेपाल के बीच विभाजन रेखा है मगर ये गांव इसका अपवाद है। दरअसल थपलियालखेड़ा गांव तीन ओर से नेपाल से लगा हुआ है और एक तरफ नदी पड़ती है। ऐसे में इस गांव के लिए अपनी ग्राम पंचायत या किसी भी भारतीय हिस्से में पहुंचने के लिए नेपाल से होकर गुजरना मजबूरी है।
थपलियालखेड़ा के लोगों को पहली बार वोटिंग का हक 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में मिला था। तबसे 2009 के लोकसभा चुनाव तक यहां के लोगों को आठ किमी दूर सैलानीगोठ के मतदेय स्थल में जाने को मजबूर होते थे। लंबी दूरी के अलावा भारत-नेपाल सीमा सील होने से उन्हें असुविधा झेलनी पड़ती थी। इस चुनाव में पहली बार थपलियालखेड़ा में मतदान केंद्र बनाया गया है।
एआरओ नरेश दुर्गापाल ने बताया कि चंपावत विधानसभा में आने वाले थपलियालखेड़ा के राजकीय प्राइमरी विद्यालय के पोलिंग सेंटर में 41 महिलाओं और 56 पुरुष वोटर हैं। यहां के बुजुर्गों में गांव में ही बूथ बनने से उत्साह हैं। उनका कहना है कि इससे मतदान प्रतिशत भी बढ़ेगा।
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