8 पीएसी कर्मियों ने दी थी लोकतंत्र के यज्ञ में आहुति

Champawat Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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चंपावत। 7 मई को 16वीं लोकसभा के लिए वोटिंग होगी। लेकिन पहाड़ में पहले लोकसभा चुनाव बेहद नाटकीय रहे। चुनाव निपटने के बाद सुरक्षा बलों को ले जा रहा वाहन स्वांला के पास खाई में गिर गया। जिसमें सुरक्षा बल के सभी आठ कर्मियों की मौत हो गई थी। बाद में इस जगह पर मंदिर और स्मारक बनाया गया।
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आजादी के बाद 25 अक्तूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 तक पहले लोकसभा चुनाव हुए। उप्र का हिस्सा रहे इस पहाड़ी क्षेत्र में मतदान सबसे आखिर में था। तब आज की तरह अल्मोड़ा लोकसभा सीट में चार जिले शामिल नहीं थे। चंपावत और बागेश्वर ही नहीं पिथौरागढ़ भी जिला नहीं बना था। एकमात्र अल्मोड़ा जिला था। चुनाव निपटने के बाद 25 फरवरी 1952 को सुरक्षा बल वापस जा रहे थे। तभी पीएसी की बरेली स्थित 8वीं बटालियन के वाहन का हादसा हो गया। चंपावत से 22 किमी दूर स्वांला के पास यह वाहन 200 मीटर खाई में गिर गया। और इसमें सवार सभी आठों सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई। बुजुर्ग अमर सिंह बताते हैं कि संचार सुविधा नहीं होने से हादसे की जानकारी भी कई घंटों बाद मिली। तब न तो आसपास में कहीं पुलिस थाना था और नहीं स्वास्थ्य की कोई व्यवस्था थी।
इन सुरक्षा कर्मियों ने दी थी शहादत
चंपावत। भूपाल सिंह, जगत सिंह, मान सिंह, नैन सिंह, वीर सिंह, रुद्र सिंह, पुरुषोत्तम सिंह और बतवा सिंह शहीद हो गए। बाद में इस स्थान पर एक स्मारक भी बनाया गया। जिसमें इन सभी का नाम अंकित किया गया है।
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