सरकार की अनदेखी से हर्बल उत्पादक चिंतित

Champawat Updated Sat, 22 Dec 2012 05:31 AM IST
बनबसा। श्यामला औषधीय कृषि विकास संस्थान की बैठक में सतावर फसल की बिक्री न होने पर हर्बल उत्पादकों ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से हर्बल स्टेट का सपना साकार नहीं हो सकेगा।
संस्थान के अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह दिगारी की अध्यक्षता एवं समाजसेवी अरुण कुमार के संचालन में हुई बैठक में काश्तकारों ने किसानों के प्रति राज्य सरकार के उदासीन रवैये पर चिंता जताई। कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने को सरकार ने अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया है। राज्य के किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है तथा गन्ना उत्पादकों के साथ भी सरकार न्याय नहीं कर पा रही है। हर्बल उत्पादकों ने कहा किसरकार के रवैये से उत्तराखंड राज्य को हर्बल स्टेट बनाने का सपना शायद ही पूरा हो सके। संस्थान के अध्यक्ष दिगारी ने कहा कि क्षेत्र में करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर सतावर की खेती की गई है किंतु खरीदारों के अभाव में सतावर के नष्ट होने का अंदेशा बना हुआ है। संस्था के सचिव जसवंत सिंह ने कहा कि सतावर की खरीद न होने से क्षेत्र के हर्बल उत्पादक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। हर्बल उत्पादकों ने सरकार से उनके उत्पाद की शीघ्र खरीद करने तथा राज्य की स्पष्ट हर्बल नीति बनाने की मांग की है। इस बारे उन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। बैठक में सितारगंज, खटीमा, बनबसा एवं टनकपुर के दर्जनों हर्बल उत्पादक मौजूद थे।

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