रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे पीआरडी जवान

Champawat Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
लोहाघाट। पीआरडी जवानों को रोजगार न मिलने के कारण युवाओं का यह प्रशिक्षित तबका दर-दर की ठोकरें खा रहा है। विभाग में बजट के अभाव के चलते सैकड़ों पीआरडी जवानों के मुंह की रोटी छिन चुकी है। इस ओर शासन द्वारा पीठ किए जाने से वह बेहद खफा हैं। पीआरडी हित संगठन के जिलाध्यक्ष भैरव दत्त जोशी जवानों के मान सम्मान एवं रोजगार के लिए लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि आजादी के बाद आज पीआरडी के जवान सबसे खराब दिन देख रहे हैं।
श्री जोशी का कहना है कि पीआरडी हित संगठन शासन से लगातार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के साथ उनका मानदेय 15 हजार रुपये मासिक की मांग करता आ रहा है। राज्य सरकार के तमाम विभागों में हजारों की संख्या में ऐसे पद रिक्त हैं, जिसमें पीआरडी जवानों की सेवाएं ली जा सकती हैं। उधर जिला युवा कल्याण अधिकारी भूपेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि इस वर्ष 12 अक्तूबर के बाद सामान्य बजट न मिलने के कारण जिले में केवल 17 पीआरडी जवानों की सेवाएं ली जा रही हैं, जबकि इनकी जिले में संख्या ढाई सौ से अधिक है। इन जवानों के द्वारा ही मेलों, समारोहों आदि में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जाते हैं। उनके द्वारा कुछ समय पूर्व 62 जवानों को रोजगार में लगाने की स्वीकृति ली गई थी, वहां भी बजट का पेंच फंसा हुआ है।

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