बदल रही पशुबलि के खिलाफ सोच

Champawat Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
लोहाघाट। आस्था के नाम पर निरीह पशुओं की दी जाने वाली बलि प्रथा के प्रति लोगों की वैचारिक सोच में परिवर्तन आ रहा है। गत दिवस क्षेत्र के प्रसिद्ध अखिलतारिणी मंदिर में दशहरा पर्व पर परंपरागत रूप से दी जाने वाली कटरे की बलि को लेकर जब बलि समर्थकों व विरोधियों के बीच यह तय हुआ कि इस बात को मां भगवती के ऊपर ही छोड़ दिया जाए। यहां परंपरागत रूप से बलि देने का अधिकार पोखरी बोरा के लोगों को मिला हुआ है। लोक परंपरा के अनुसार जब बलि के लिए गंडासा मां भगवती के अवतार शिवराज सिंह को दिया गया तो, उन्होंने गंडासे में अक्षत व पुष्प वर्षा कर लोगों की श्रद्धा एवं भावना को ही स्वीकार किया। आस्था के नाम पर दी जाने वाली बलि प्रथा को समाप्त करने के लिए वैचारिक सोच परिवर्तन करने में लगे बलवंत सिंह, गोविंद सिंह, नारायण सिंह, दीपक जोशी, पुष्कर सिंह, प्रदीप सिंह, जगदीश सिंह, उमेद सिंह, श्याम सिंह, हेमंत बिष्ट आदि स्थानीय एवं नायक गोठ से आए तमाम लोगों का कहना था कि महामाया मां अखिलतारिणी ने ही पशु बलि को स्वीकार नहीं किया।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ताबड़तोड़ डकैतियों से हिली सरकार, प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को किया तलब

राजधानी में एक हफ्ते के अंदर हुई ताबड़तोड़ डकैती की वारदातों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO : गैस सिलेंडर में आग लगने पर न घबराएं, अपनाएं ये उपाय

उत्तराखंड के लोहाघाट में फायर ब्रिगेड कर्मियों ने अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का शुभारंभ लोहाघाट के भीड़ वाले स्टेशन बाजार से किया गया।

9 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper