‘राष्ट्रहित में बिजली बचाएं’ का यहां कोई अर्थ नहीं

Champawat Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
चंपावत। बिजली विभाग का आदर्श वाक्य है राष्ट्रहित तथा स्वहित में बिजली बचाएं, लेकिन ऐसा लगता है कि इस वाक्य का चंपावत नगर में कोई औचित्य और अर्थ नहीं है। वह भी तब जब एक जिम्मेदार विभाग बिजली की फिजूलखर्ची कर रहा हो। नगर के स्टेशन वार्ड में नगर पंचायत की ओर से लगाई स्ट्रीट लाइट के बल्ब दिन में भी जलते रहते हैं। पिछले कई दिनों से तीन चार बल्बों के दिनभर जले रहने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
नगर पंचायत की स्ट्रीट लाइटों को शाम के समय जलाने और सुबह उजाला होते ही उनको बुझाने (ऑफ करने) के लिए बाकायदा एक कर्मचारी की ड्यूटी रहती है। पिछले कुछ दिनों से इन बल्बों को आन करने के बाद जलता हुआ छोड़ दिया गया है। दिन के समय स्ट्रीट लाइट के बल्ब जले रहने से लोगों ने आपत्ति भी की और इस फिजूलखर्ची को रोकने की मांग की। इधर, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी एके सिंह ने कहा है कि स्ट्रीट लाइट के बल्बों का दिन के समय जला रहना घोर आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि किस स्तर से यह लापरवाही हो रही है। इसकी जानकारी हासिल की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की शिकायत सामने आने पर जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ कदम उठाया जाएगा।

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