न्यायालय की सर्वोच्चता को ठेंगा दिखा रही सरकार

Champawat Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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चंपावत। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक संघर्ष मोर्चा की जिला इकाई ने पदोन्नति में आरक्षण जारी रखने के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से संसद में अध्यादेश लाए जाने का विरोध किया है। मोर्चा का कहना है कि केंद्र सरकार का सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ कुछ मुट्ठीभर जनप्रतिनिधियों के दबाव में संविधान संशोधन बिल संसद में लाया जाना देश की 80 प्रतिशत जनता के साथ धोखा एवं न्यायालय की सर्वोच्चता के सिद्धांत को ठेंगा दिखाना है। इस संबंध में मोर्चा की जिला इकाई ने 19 अगस्त को जिला मुख्यालय में प्रबुद्धजनों की बैठक आयोजित की है।
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मोर्चा संयोजक घनश्याम पांडेय की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति एवं नौकरी में आरक्षण तक की बात तो समझ में आती है, लेकिन पदोन्नति में आरक्षण कहां का न्याय है। इससे वरिष्ठ व्यक्ति कुंठित होकर ठगा सा महसूस कर रहा है, जबकि कनिष्ठतम व्यक्ति आरक्षण की बैसाखी के सहारे उच्चतम पदों में आसीन होता जा रहा है। उनका कहना है कि अब वक्त आ गया है कि दलगत राजनीति, सरकारी एवं गैर सरकारी की भावनाओं से ऊपर उठकर देशहित में वोटों की राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाया जाए। उन्होंने 19 अगस्त को आयोजित गोष्ठी में सभी लोगों से शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गोष्ठी में 21 अगस्त को दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली के प्रतिभागियों पर भी विचार किया जाएगा।
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