औसत से 48 प्रतिशत बारिश कम

Champawat Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
चंपावत। पहले से सूखे की मार सह रहे चंपावत जिले में सावन के महीने में भी बारिश की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़े बताते हैं कि एक जून से अब तक चंपावत में औसत से 48 प्रतिशत बारिश कम हुई है। आगे भी कोई खास आशाजनक स्थिति नजर नहीं आ रही है।
चंपावत जिले में इस बार पहाड़ के अन्य जिलों की तुलना में सूखे की स्थिति ज्यादा गंभीर रही। सूखे का असर आलू तथा अन्य सब्जियों के साथ-साथ फसलों में भी साफ देखने को मिला। सूखे की इस स्थिति के बीच जून में हल्की और मध्यम स्तर की बारिश तो हुई, लेकिन इसे संतोषजनक या फिर पर्याप्त नहीं कहा जा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार एक जून से अब तक चंपावत में 468 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में मात्र 242 मिलीमीटर वर्षा हो पाई है। लाजिमी है कि कम बारिश से स्रोतों का स्तर सही ढंग से नहीं बढ़ पाया है। नदियों और नालों का वेग भी अभी उफान पर नहीं आ पाया है। यदि बारिश कम होती है तो इसका असर धान की रोपाई तथा धान की पैदावार पर पड़ सकता है।
मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा ने देहरादून से फोन पर बताया कि आगे 20 और 21 जुलाई को एक हल्का सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है। उस समय पर्वतीय इलाकों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि मानसून की स्थिति इस समय बेहद निराशाजनक है। सभी इलाकों में इस सीजन में औसत से बहुत कम बारिश हुई है।

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