वेतन विसंगतियों को शीघ्र दूर किया जाए

Champawat Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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लोहाघाट। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि केंद्रीय विद्यालयों में पीआरटी, टीजीटी एवं पीजीटी आदि तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिसमें वहां शिक्षकों को 16290, 17140 एवं 18150 रुपये का न्यूनतम वेतन देय है, किंतु राज्य सरकार के प्राथमिक शिक्षकाें को इस सुविधा से वंचित किया गया है। ब्लाक अध्यक्ष डा. योगेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता एवं दुर्गेश जोशी के संचालन में हुई बैठक में शिक्षकाें ने बंद विद्यालयों एवं एकल विद्यालयों के संचालन हेतु जिन शिक्षकों को समायोजन में वहां भेजा तो गया है, लेकिन उनका वेतन उनके मूल विद्यालयों से ही आहरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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संघ ने ऐसे शिक्षकों का वेतन उनके तैनाती स्थल से आहरित करने की मांग करते हुए कहा है कि जिन विद्यालयों से शिक्षकों को अन्यत्र संबद्ध किया गया है, वहां उनके पद रिक्त मानते हुए उनमें विशिष्ट बीटीसी एवं बीटीसी प्रशिक्षुओं की तैनाती की जाए, जिससे वरिष्ठ शिक्षकों को लाभान्वित किया जा सके। संगठन ने 10 वर्ष एवं 22 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं को चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान का लाभ देने के साथ उनके समस्त देयकों का निस्तारण, वर्तमान प्रोन्नत वेतन पाने वालों को इसी माह से लाभान्वित किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
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