आवारा पशुओं ने बिगाड़ी शहर की फिजां

Champawat Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
टनकपुर। बाजार में घूमते आवारा पशु न सिर्फ शहर की फिजां बिगाड़ रहे है, बल्कि उनके मुंह मारने से फल-सब्जी विक्रेताओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं बाजार में खरीददारी करते लोगों में भी इनके हमले का भय बना रहता है। इधर नगरपालिका प्रशासन बगैर कांजी हाउस के आवारा पशुओं पर अंकुश लगा पाने में असमर्थता जाहिर कर रहा है।
शहर में आवारा पशुओं का बाजार में विचरण एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। यहां दिनों-दिन बढ़ती आवारा पशुओं की तादात लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। आलम यह है कि सब्जी बाजार में लोग सब्जी के मोलभाव से ज्यादा पशुओं के हमले की चिंता से अधिक परेशान नजर आते हैं। पशुओं से बचते-बचाते सब्जी खरीदना लोगों की विवशता बन गई है। इतना ही नहीं खरीदी गई सब्जी सुरक्षित ले जाना भी लोगों के लिए चुनौती बन गया है। आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए भाजपा की पूर्व सरकार ने शहरों में कांजी हाउस बनाने की योजना बनाई थी। करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन शहरी विकास मंत्री दिवाकर भट्ट ने भी टनकपुर दौरे में यहां कांजी हाउस की घोषणा की, मगर वह हवाई साबित हुई। पालिकाध्यक्ष हर्षवर्धन रावत का कहना है कि बगैर कांजी हाउस के आवारा पशुओं पर अंकुश लगा पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कांजी हाउस का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं हुआ।

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