चुनौती बना पेयजल संकट से निपटना

Champawat Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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चंपावत/लोहाघाट/डीडीहाट। भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटना जल संस्थान के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शनिवार को जल संस्थान ने जीआईसी लाइन में बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। बताया गया है कि जल स्तर में भारी गिरावट आ जाने से हैंडपंप नहीं चल पा रहे हैं। फिर भी जल संस्थान ने हैंडपंपों की तकनीकी खराबी दूर करने की कोशिश शुरू कर दी है। नगर क्षेत्र में जल संस्थान ने कुल 18 हैंडपंप लगाए हैं। इनमें से सात में पानी आना बंद हो गया है। दूसरी ओर नगर के लिए बनी पेयजल योजना के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। नगर के लिए पानी एकत्र किए जाने वाले सातों स्रोतों में 60 से 65 प्रतिशत तक पानी कम हो चुका है। नगर के कई मोहल्लों में पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि मची है।
जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि हैंडपंपों की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। यदि किसी हैंडपंप में तकनीकी खराबी से पानी आना बंद हुआ है तो उसे ठीक किया जाएगा। पेयजल योजना से एक दिन में मात्र 40 हजार लीटर पानी जुट पा रहा है, जबकि जरूरत एक लाख लीटर की है। जिन इलाकों में टैंकरों से पानी का वितरण किया जा रहा है, वहां मारामारी की नौबत आने लगी है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं।
उधर, लोहाघाट में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। अब विभिन्न स्थानों में हैंडपंप सूखने से स्थिति और विकराल होती जा रही है। देवीधुरा में हाल ही में ठीक कराए गए दो हैंडपंप खराब हो गए हैं। यहां गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एलडी जोशी, दिनेश चम्याल, बाराही धाम के पीठाचार्य कीर्ति शास्त्री आदि लोगों ने यहां नियमित टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करने की मांग की है। डुंगराकोट में पहली बार टैंकर पहुंचने पर लोगों ने राहत महसूस की। ग्राम प्रधान राधिका देवी, त्रिलोचन जोशी, बीडी जोशी, पीबी जोशी, दीवान राम, उर्वा राम आदि ने विधायक, ब्लाक प्रमुख एवं जल संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों एवं पिकअप के जरिए जल संस्थान द्वारा लगातार पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
उधर, डीडीहाट में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। नगर में वर्तमान में मांग के अनुरूप पेयजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे ऐसी स्थिति पैदा हो रही है। शनिवार को भी जैसे ही जल संस्थान का टैंकर आया, लोग उस पर टूट पड़े। पानी भरने के लिए लोगों के बीच जमकर कहासुनी भी हुई। जिसे देखते तहसील प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को भी पेयजल वितरण करने के लिए तैनात कर कर दिया है। उपजिलाधिकारी नरेश दुर्गापाल ने बताया कि लोगों से पेयजल वितरण में सहयोग मांगा है। वहीं दूसरी ओर सड़क से दूरी पर स्थित मुहल्लों में पेयजल वितरण की कोई व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। राज्य आंदोलनकारी जोध सिंह बोरा ने इन मुहल्लों में घोड़ों और खच्चरों के माध्यम से पेयजल वितरित करने की मांग की है। उन्होंने पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी पर कोरी बयानबाजी करने का आरोप लगाया है।

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