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मेहनत पर पानी फेर रहे जंगली जानवर

Champawat Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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लोहाघाट। पाटी में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों का कहना था कि एक ओर समय से वर्षा न होने के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। दूसरी ओर जंगली जानवर उनकी मेहनत में पानी फेरते आ रहे हैं। इस दिशा में सरकार की बेरुखी किसानों को मायूस कर रही है। नंद किशोर भट्ट की अध्यक्षता एवं पान सिंह मेहता के संचालन में किसानों के आंदोलन एवं वर्तमान की समस्याएं विषय पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं का कहना था कि क्षेत्र के लोगों ने बुनियादी जरूरतोें को पूरा करने के लिए समय-समय पर जो आंदोलन किए थे, शासन की बेरुखी के चलते उनमें पानी फिरता गया।
वक्ताओं ने पाटी में डिग्री कालेज खोलने, जंगली जानवरों से किसानों को निजात दिलाने, पूर्ण शराब बंदी लागू करने जैसी तमाम मांगें उर्ठाईं। गोष्ठी में भुवन भट्ट, दयाकृष्ण जोशी, त्रिलोचन भट्ट, दीवान सिंह, राधा बल्लभ, कृष्णानंद, नंदी देवी, हीरा देवी, शांति देवी का कहना था कि सरकार जब तक जंगली जानवरों से उनकी खेती को नहीं बचाती है, तब तक यहां के किसानों को मुफ्त में खाद्यान्न की सुविधा दी जाए। जिससे वे अपना भरण पोषण कर सकें।

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