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कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद साध्वी प्राची ने जताई हत्या की आशंका, बोलीं-आईएसआई से मिल रही धमकियां

विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची ने लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या को जिहादियों द्वारा उठाया गया कदम बताया है। 

20 अक्टूबर 2019

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चमोली

रविवार, 20 अक्टूबर 2019

देवभूमि में बढ़ते नशे के कारोबार पर चुप्पी तोड़ें महिलाएं

गोपेश्वर। अमर उजाला के अपराजिता अभियान और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित नशामुक्ति गोष्ठी में महिलाओं ने नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि की शांत वादियों में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। युवा पीढ़ी धार्मिक, संस्कार, सामाजिक मर्यादा और सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिभाग करने के बजाय नशे की ओर बढ़ रही है। इसे जन जागरूकता से ही रोका जा सकता है।
बाल भवन गोपेश्वर में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रविप्रकाश ने किया। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन से युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखना चुनौति बना हुआ है। प्राधिकरण ने लंबे समय तक नशामुक्ति अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्कूलों के साथ ही वन व पंचायती राज विभाग की मदद लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशमुक्ति अभियान चलाया जाएगा।
प्रधानाचार्य अरुणा रावत ने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की लत से बर्बाद हो रही है। देवभूमि में अंग्रेजी शराब के साथ ही अन्य नशीले पदार्थों के विक्रय पर प्रतिबंध लगना चाहिए। सरकार को राजस्व प्राप्त करने के अन्य विकल्प तलाश करने चाहिए।
शिक्षिका रजनी खत्री ने कहा कि आज नशे की प्रवृत्ति समाज को पतन की ओर ले जा रही है। नशा एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ने का काम कर रहा है। उत्तराखंड में नशाबंदी कानून के लिए एक जनांदोलन की आवश्यकता है। इस मौके पर नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर बाल भवन के निदेशक विनोद रावत, अनीता नेगी, लक्ष्मी सेमवाल, पूनम गैरोला, बबीता फरस्वाण, संतोषी बहुगुणा, कविता नेगी, अंजना रावत, पूजा रावत, रेखा रावत आदि मौजूद थे।
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राजी, खुशी राखी, जो जस देई हे अनसूया मां....

बदरीनाथ। संतानदायिनी मां अनसूया ने मंगलवार को भगवान बदरीनाथ से विदा ली। बदरीनाथ में श्रद्धालुओं ने मां अनसूया को ब्रह्मकमल भेंट किए। देश के अंतिम गांव माणा में भोटिया जनजाति की महिलाओं ने राजी, खुशी राखी, जो जस देई हे अनसूया मां जैसे मांगल गीत गाकर अपनी आराध्य देवी की स्तुति दी। मंगलवार को मां अनसूया की दिवारा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए विनायकचट्टी में ध्याणी (विवाहित बेटी) अंजनी देवी के घर पहुंची। मां अनसूया की दिवारा यात्रा को लेकर जोशीमठ क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। 16 अक्तूबर को माता की दिवारा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पांडुकेश्वर पहुंचेगी।
सोमवार को बदरीनाथ क्षेत्र का भ्रमण करने के पश्चात मां अनसूया की डोली रात्रि प्रवास के लिए खाकचौक के महंत बालकदास के निवास पर पहुंची। बदरीनाथ में मां अनसूया ने सरस्वती नदी में पवित्र स्नान कर माता मूर्ति के साथ ही वसुधारा, व्यास गुफा, गणेश गुफा, पित्रधारा और माणा घंड्याल के दर्शन किए। यहां भक्तों ने अपनी आराध्य देवी का ब्रह्मकमल से भव्य स्वागत किया। मंगलवार को खाकचौक में तड़के से ही मां अनसूया की पूजाएं शुरू हुईं। तीर्थ पुरोहित बलराम तिवारी और पंडित विनोद सेमवाल ने माता की शृंगार और अन्य नित्य पूजाएं संपन्न की। सुबह नौ बजे माता की डोली ने बदरीनाथ परिक्षेत्र में भ्रमण कर अपने भक्तों को दर्शन दिए। देश-विदेश के तीर्थयात्रियों ने भी माता अनसूया से मनौतियां मांगी। अपराह्न एक बजे मां अनसूया ने भगवान बदरीनाथ से विदा लेकर हनुमान चट्टी के लिए प्रस्थान किया। हनुमान चट्टी में मां अनसूया का राजभोग लगाया गया। इस मौके पर प्रबंधक हरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, महाप्रबंधक भगत सिंह बिष्ट, ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद राणा, धीरेंद्र सिंह राणा, देवेंद्र सिंह बर्त्वाल, रविंद्र सिंह नेगी, प्रदीप सिंह बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, नवीन रावत, आकाश नेगी, वृजमोहन रावत, जातवर बिष्ट, महावीर राणा, विजय सिंह आदि मौजूद थे।
बदरीनाथ धाम परिसर में भक्तों को दर्शन देती संतानदायिनी मां अनसूया की उत्सव डोली।
बदरीनाथ धाम परिसर में भक्तों को दर्शन देती संतानदायिनी मां अनसूया की उत्सव डोली।- फोटो : GOPESHWAR
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बलाण हादसा, लापता की खोज में टीम का सर्च अभियान जारी

दुर्घटना में लापता जय सिंह दानू पुत्र पुष्कर सिंह की खोजबीन दिनभर जारी रही। पुलिस उपाधीक्षक पुरुषोत्तम जोशी के नेतृत्व में थाना थराली की पुलिस व एसडीआरएफ की टीम नदी में सर्च अभियान चला रही है। थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने बताया कि दुर्घटनास्थल से लेकर देवाल तक कैल नदी में जय सिंह की तलाश जारी है। सोमवार को देवाल क्षेत्र में व्यापारियों सहित ग्रामीणों ने दुर्घटना में मारे गए लोगों की आत्मा शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। वही हायर सेंटर श्रीनगर अस्पताल में भर्ती हुए घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
समाजसेवी महावीर बिष्ट ने बताया कि वह रविवार को दिनभर राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन के साथ थे। उन्होंने बताया कि थराली और देवाल क्षेत्र में सड़कों की बुरी दशा हादसे का कारण बनती है। जिस प्रकार से मैक्स का पट्टा टूटा था और गाड़ी 20 से 30 मीटर तक सड़क में घिसी थी। उससे साफ जाहिर है कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे, पत्थर और मलबे से वाहनों को बहुत नुकसान होता है और इससे अधिकतर वाहन दुर्घटना के शिकार होते हैं। इंद्र सिंह राणा, केडी मिश्रा, राजेंद्रदानू, खिलाप सिंह आदि का कहना है कि थराली से आगे देवाल क्षेत्र में वाहनों में सफर करने का मतलब जान को हथेली में रखकर चलना है।
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केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की चोटियों पर हिमपात, पारा गिरने से बढ़ी ठंड

रविवार को दोपहर बाद केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों के साथ ही धाम में भी बर्फ की बौछारें पड़ी। मौसम में आए बदलाव से केदारपुरी में ठंड बढ़ गई है। इधर, जिला मुख्यालय समेत अन्य स्थानों पर भी आसमान में बादल छाए रहे।  

रविवार को दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा था। इस दौरान धूप-छांव का खेल चलता रहा। लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे से केदारनाथ में घने बादल छाए रहने के साथ ही वासुकीताल, दुग्ध गंगा, चोराबाड़ी ताल समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हिमपात होने लगा। इस दौरान केदारनाथ में भी बर्फ की फुंआरें गिरी। इसके बाद से ही धाम में ठंड बढ़ गई है।

धाम में मौजूद वुड स्टोन के टीम प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के कारण केदारपुरी में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे यात्री व अन्य लोग अलाव का सहारा लेने गए हैं।
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रामभक्त हनुमान ने फूंकी सोने की लंका

माता सीता के खोज में वनों में भटके श्रीराम और लक्ष्मण
पीपलकोटी। ज्योति क्लब की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के सातवें दिन श्रीराम और लक्ष्मण वन में माता सीता की खोज में किस्किंधा पर्वत पर पहुंच जाते हैं। वानरराज सुग्रीव दोनों भाईयों को अपनी ओर देख हनुमान को सतर्क करते हैं और उन्हें श्रीराम व लक्ष्मण के पास भेजते है। इसके बाद हनुमान श्रीराम और लक्ष्मण को सुग्रीव के पास ले जाते हैं। सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए श्रीराम से प्रार्थना करता है। बाद में श्रीराम के हाथों बाली का वध होता है और सुग्रीव को किस्किंधा पर्वत का राजा बनाया जाता है। इसके बाद श्रीराम हनुमान को सीता का पता लगाने के लिए रावण की लंका में भेजते हैं। हनुमान सीता का पता लगा लेते हैं। हनुमान का यहां रावण के पुत्र अक्षय कुमार से युद्ध होता है, जिसमें अक्षय कुमार प्राण त्याग देता है। मेघनाथ हनुमान को बंधी बनाकर रावण दरबार में लाता है। रावण अपने सैनिकों को हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है, जिसके बाद हनुमान संपूर्ण लंका में आग लगा देते है।
सीता स्वयंवर का हुआ भव्य मंचन
जोशीमठ। सांस्कृतिक परिषद रविग्राम की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का भव्य मंचन किया गया। मंचन में परशुराम-लक्ष्मण संवाद आकर्षण का केंद्र रहा। रामलीला के प्रवक्ता संजय डिमरी ने बताया कि रविग्राम में रामलीला के पचास वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। वर्ष 1969 से गांव में प्रतिवर्ष रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। श्रीराम का अभिनय अभय बहुगुणा, लक्ष्मण का अमन बहुगुणा, सीता का अमन राणा, रावण का दीपक डिमरी, परशुराम का हर्षवर्द्धन भट्ट, जनक का संजय डिमरी निभा रहे हैं।
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देवतोली मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा के श्रवण करने के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

नगर के देवतोली मे आयोजित श्रीमद् भागवत कथा पुराण के चौथे दिन बाल व्यास के प्रवचनों को सुनने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा पड़ा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन करते हुए बाल व्यास आचार्य आयुष कृष्ण नयन जी ने कहा कि भक्त प्रह्लाद की भक्ति से प्रसन्न होकर श्री हरि विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण कश्यप का वध किया था। उन्होंने कहा कि निश्चल भाव से भगवान की भक्ति करने से मनुष्य को समस्त सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस मौके पर योगेश्वर प्रसाद थपलियाल,डॉ नरेश प्रकाश सती,डॉ कमलेश सती,अंजू सती, पूजा सती, भुवना देवी,अनुज डिमरी, जेपी पुरोहित, जानकी सेमवाल, रेखा देवी, राम प्रसाद पुरोहित सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालुओं ने कथा सुनकर पुण्य अर्जित किया। ... और पढ़ें

ऑलवेदर रोड़ निर्माण के दौरान कालेश्वर से चमोली तक गड्ढ़ों में तब्दील हुआ बदरीनाथ हाईवे

ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर गड्ढे और दलदल होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। चट्वापीपल व गलनाऊं में हाईवे किनारे से मलबे को नहीं हटाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी के साथ आये मलवे से सड़क पर दलदल होने से वाहन फिसल रहे हैं। जिससे लोगों के लिए दुर्घटना होने का खतरा बना है।
इन दिनों बदरीनाथ हाईवे पर कालेश्वर से चमोली तक ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य चल रहा है। लंगासू के सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश खंडूड़ी, दिनेश प्रसाद, उमेश ने कहा कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही से लंगासू, सोनला, विराजकुंज, देवलीबगड़, कालेश्वर सहित पूरे हाईवे पर बड़े गड्ढे बने हैं। गड्ढों में पानी भरने के साथ-साथ सड़क पर कीचड़ फैला है। जिससे सड़क पर वाहन फिसल रहे हैं। दोपहिया वाहना कई बार फिसलने से कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। पिछले दिनों लंगासू के पास चट्टान खिसकने से एक मजदूर की मौत भी हो गई थी। रोड बनाने वाली कार्यदायी संस्था द्वारा कई जगहों पर सड़क किनारे पहाड़ी की बुनियाद काट दी गई है। जिससे पहाड़ियों के खिसकने का खतरा बना हुआ है। नाराज लोगों का कहाना है कि यदि तुरंत ऑल वेदर रोड का काम कर रही कार्यदायी संस्था से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे को ठीक कराने की मांग की है।
कार्यदायी संस्था को कालेश्वर से चमोली तक हाईवे को ठीक करने के आदेश दे दिये गये हैं। यदि कार्यदायी संस्था ने जल्द गड्ढे भरकर हाईवे को ठीक नहीं किया गया तो संस्था पर कार्रवाई की जायेगी।
देवानंद शर्मा,एसडीएम कर्णप्रयाग
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ां अनसूया ने नृसिंह भगवान से मांगी दिवारा यात्रा की अनुमति

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग हाईवे चटवापीपल मे यूं बना जानलेवा।
संतानदायिनी माता अनसूया की यात्रा में भक्तगण भी नंगे पांव शामिल हो रहे है। बस माता की जयकारों के साथ भक्त आस्थापथ पर आगे बढ़ रहे है। शुक्रवार को मां अनसूया ने जोशीमठ में नृसिंह मंदिर के दर्शन किए और भगवान नृसिंह से आगे की दिवारा यात्रा की आज्ञा मांगी। करीब आधा घंटे तक मंदिर परिसर में रहने के बाद माता की उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए स्थानीय निवासी अंती प्रकाश शाह के घर पहुंची।
माता अनसूया की दिवारा यात्रा में शामिल होने के लिए देवी भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। भक्तगण नंगे पांव यात्रा में शामिल हो रहे हैं। प्रतिदिन माता की शक्ति पूजा और अन्य नित्य पूजाएं संपन्न हो रही हैं। माता अनसूया भी अपनी ध्याणियों और भक्तों को मिलने के लिए घर-घर पहुंच रही हैं।
शुक्रवार को मारवाड़ी गांव में माता अनसूया ने अपनी ध्याणियों से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम पूछीं। ध्याणियों ने भी मांगल गीत गाकर अपनी आराध्य देवी को श्रृंगार सामग्री भेंट की। माता की एक झलक पाने को ध्याणियां भी आतुर हैं। मंडल घाटी की ध्याण सुनीता, शशि और चंद्रकला का कहना है, कि माता अनसूया 46 साल बाद दिवारा यात्रा पर निकली है। माता से मिलने की बहुत इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई है। माता से अपने परिवार की कुशलता की कामना की। घर-घर में अपने भक्तों से मिलने के बाद मात अनसूया शाम पांच बजे नृसिंह मंदिर में पहुंची। यहां प्राचीन देवालयों के दर्शन करने के बाद माता की डोली नृसिंह भगवान के मुख्य मंदिर में पहुंची। यहां करीब आधा घंटे तक वेद मंत्रों से आचार्य ब्राह्मणों ने माता और नृसिंह भगवान का आह्वान किया। कुछ देर मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों और स्थानीय भक्तों को दर्शन देने के बाद माता की डोली रात्रि प्रवास के लिए निकली। इस मौके पर दिवारा यात्रा समिति के महाप्रबंधक भगत सिंह बिष्ट, प्रबंधक हरेंद्र सिंह, ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद राणा, देवेंद्र बर्त्वाल, रविंद्र नेगी, प्रदीप बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, नवीन, आकाश, वृजमोहन रावत, महावीर राणा, विजय सिंह आदि मौजूद थे।
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चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ गोपीनाथ मंदिर में हुए विराजमान

चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शुक्रवार को वेद मंत्रोच्चारण और विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। देर शाम भगवान रुद्रनाथ गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं। अब शीतकाल में सात माह तक भगवान रुद्रनाथ जी के दर्शन गोपीनाथ मंदिर में ही होंगे। रुद्रनाथ की उत्सव डोली सगर गांव में स्थित प्राचीन सकलेश्वर मंदिर से होते हुए गोपीनाथ मंदिर पहुंची।
पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ का प्राचीन मंदिर मंडल घाटी में समुद्रतल से 11800 फीट की ऊंचाई पर सुरम्य बुग्यालों के बीच स्थित है। शुक्रवार को सात बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद सुबह आचार्य ब्राह्मणों ने रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद किए। इसके बाद रुद्रनाथ भगवान की चल विग्रह डोली और मूर्ति को लेकर भक्तगण 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर शाम छह बजे गोपेश्वर नगर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचे। रुद्रनाथ भगवान के स्वागत के लिए गोपीनाथ मंदिर परिसर में कई भक्त जुटे हुए थे। गोपेश्वर गांव की महिलाओं और तीर्थयात्रियों ने भी डोली का फूलमालाओं से स्वागत किया और पूजा-अर्चना की। इसके बाद रुद्रनाथ भगवान गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो गए। इस बार 30 हजार से भी अधिक श्रद्घालु रुद्रनाथ भगवान के दर्शनों को पहुंचे। इस मौके पर प्रेम बल्लभ भट्ट, पंडित प्रयाग दत्त भट्ट, अनसूया प्रसाद, बदरी प्रसाद, नवीन भट्ट, वंशीधर भट्ट, अवतार सिंह, मनीष नेगी, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र असवाल आदि मौजूद थे।
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सदाशिव रामलीला कमेटी कर्णप्रयाग की ओर से आयोजित रामलीला मंचन मे उमड़ी भीड़

सदाशिव रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के पांचवें दिन महिला किरदारों का अभिनय देखने को उमड़ी दर्शकों की भड़ी । रामलीला मंचन मे रावण की बहन सूर्पनखा पंचवटी में आकर श्री राम और लक्ष्मण से अपने रूप और सौंदर्य की उपमा चंद्रमा से करके उसके साथ विवाह करने के लिए कहती है। तो श्री राम सूर्पनखा को समझाते हैं लेकिन नहीं मानने पर लक्ष्मण सूर्पनखा की नाक और कान को विदीर्ण कर देते हैं। सूर्पनखा विलाप करते हुए खरदूषण के पास जाकर पूरा वृतांत सुनाती है, तो खरदूषण श्री राम से युद्व करते हुए मारे जाते हैं। तब सूर्पनखा रावण के पास जाकर राम और लक्ष्मण की ओर से उसके साथ किए छल के संबंध मे बताती है। तो रावण प्रतिशोष का बदला लेने के लिए मामा मारीच को स्वर्ण मृग बनने के लिए कहता है। और साधु का वेश बनाकर छल से जनकनंदनी सीता माता का हरण कर देता है। रामलीला मंचन मे राम राजेश्वरी देवी, लक्ष्मण वीरा फर्स्वाण, सीता आरती गुसांई, सूर्पनखा कल्पेश्वरी बिष्ट, रावण लक्ष्मी रावत, अत्रि मुनी पुष्पा देवी,मारीच मुन्नी बिष्ट आदि महलिा कलाकारों के मंचन को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। ... और पढ़ें

उर्जा निगम कर्मचारियों की कमी का बहाना लगाकर कर रहा था टालबराई

तहसील गैरसैंण के कोठार गांव के ग्रामीणों ने बिजली का भारी-भरकम ट्रांसफार्मर अपने कंधों पर लादकर ऊर्जा निगम को आईना दिखाया। गांव की महिलाओं और पुरूषों ने करीब तीन कुंतल के ट्रांसफार्मर को धुनारघाट कंट्रोल रूम से गांव तक पहुंचाकर दीपावली से पहले अपने घरों को जगमग किया।
कोठार गांव में कई दिन पहले बिजली का ट्रांसफार्मर फूंक गया था और ग्रामीण ऊर्जा निगम के अधिकारियों से गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाने की याचना कर रहे थे। लेकिन विभाग ने जब उनकी नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद गांव तक ट्रांसफार्मर पहुंचाने की ठानी। इसके बाद ग्रामीण ऊर्जा निगम के दफ्तर में गये और अधिकारियों से दीपावली से पहले गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर ले जाने के लिए कर्मचारियों की कमी का बहाना बताकर टालने लगे। इस पर ग्रामीणों ने तुरंत ऊर्जा निगम के दफ्तर में आपस में बातचीत की और फोन करके गांव से रस्सियां मंगाकर खुद ट्रांसफार्मर ले जाने का मन बनाया। फिर गांव के सभी महिलाएं व पुरूष आये और मजबूत डंडों के सहारे पूरे जोश के साथ ऊर्जा निगम के अधिकारियों की अगुवाई में गांव तक तीन कुंतल का ट्रांसफार्मर ले गये और रस्सियों के सहारे ट्रांसफार्मर को पोल पर चढ़ाया और उसके बाद गांव में बिजली की आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान जमुना देवी, सुरेश चंद्र, मीनाक्षी देवी, केशर सिंह, सोंरी देवी, यशोदा देवी, मीना देवी, सरिता देवी, सुरेंद्र सिंह, प्रेम सिंह , दान सिंह , रघुवीर सिंह, गब्बर सिंह, शकुंतला देवी, भागा देवी, गुड्डी देवी आदि थे।
इंसेंट---
उर्जा निगम के अवर अभियंता सीएस बुटोला ने कहा कि कोठार गांव के लोगों ने जो हिम्मत दिखाई वह काबिले तारीफ है। गांव में तुरंत नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। उन्होंने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफर्मर खराब होने के बाद उसे बदलने में महीनों लग जाते हैं। लेकिन ग्रामीणों ने मिशाल पेश कर गांव को जगमग कर दिया है।
गैरोला/जुयाल
जारी-
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लक्ष्मण ने सूर्पनखा की काटी नाक, रावण ने किया सीता का हरण

ज्योति क्लब की ओर से आयोजित रामलीला के छठवें दिन सीता हरण का मंचन हुआ। पंचवटी में लंकापति रावण की बहन सूर्पणखा द्वारा राम और लक्ष्मण के सम्मुख विवाह का प्रस्ताव रखा जाता है। सूर्पणखा के शादी के लिए जिद्द करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देता है। सूर्पणखा रोती, बिलखती अपने भाई खर और दूषण के पास जाती है, जिसे सुनकर दोनों भाई अपनी बहन के अपमान का बदला देने के लिए राम और लक्ष्मण से युद्ध करते हैं। और श्रीराम दोनों का वध कर देते हैं। रावण को जब यह बात पता चलती है तो वह मदद के लिए पाताल लोक में तपस्या में लीन मामा मारीच से मिलने जाता है। रावण मारीच को स्वर्ण मृग का रुप धारण कर वन में सीता का ध्यान आकर्षित करने को कहता है। इसके बाद रावण साधु वेष धारण कर सीता का हरण कर लेता है। रामलीला मंचन का शुभारंभ विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय के चिकित्सक डा. मुकेश उनियाल ने किया। इस मौके पर राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केके डिमरी, राजवीर सती, अतुल शाह, भगवन, कुलवीर बिष्ट, कुमुद शाह, मयंक राणा, भोलू, नितिन शाह, प्रमोद शाह, दीपक राणा, समीर शाह, राहुल भट्ट आदि मौजूद थे।
श्रीराम की जयकारों से गूंजा पांडाल
रुद्रप्रयाग। माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष वर्ष का वनवास पूरा अयोध्या लौटे भगवान श्रीराम का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पूरा रामलीला पांडाल श्रीराम की जयकारों से गूंज उठा। जिला मुख्यालय स्थित अपर बाजार में आयोजित रामलीला का श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ समापन भी हो गया है। मौके पर आयोजन समिति द्वारा रामलीला में अभिनय करने वाले पात्रों व कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया है।
श्रीराम 14 वर्ष वर्ष के वनवास के बाद जगत जननी सीता व छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटते हैं। उनके साथ पवनपुत्र हनुमान व वानरराज सुग्रीव व रीछराज जामवंत भी होते हैं। यहां पर महारानी कौशल्या, कैकेयी व सुमित्रा के साथ भरत व शत्रुघ्न और समस्त राजमहल के पदाधिकारी व जनता उनका भव्य स्वागत करती है। इसके बाद कुलगुरू वशिष्ठ के दिशा-निर्देशन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का राज्याभिषेक कर उन्हें अयोध्या की राजगद्दी पर बिठाया जाता है। इस मौके पर पूरा पांडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दीपांशु भट्ट ने सफल आयोजन के लिए स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर श्याम लाल सुंदरियाल, जितेंद्र खन्ना, चंद्रशेखर चौधरी, दीपक नौटियाल, अशोक नौटियाल, विवेक खन्ना, आशीष नौटियाल समेत अन्य मौजूद थे।
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मां अनसूया ने विष्णुप्रयाग में किया पवित्र स्नान

जोशीमठ। संतानदायिनी माता अनसूया गोविंदघाट में अपने भक्तों से विदा लेकर जोशीमठ के मारवाड़ी गांव पहुंची। माता अनसूया रात्रि विश्राम मारवाड़ी में ही करेगी। मां अनसूया ने विष्णुप्रयाग में अलकनंदा में पवित्र स्नान करने के बाद यहां प्रवास के लिए पहुंची टिहरी जिले की मां काली से भेंट की। इस दौरान जय मां अनसूया के जयकारों से जोशीमठ नगरी गुंजायमान हो उठी। मां अनसूया की उत्सव डोली इन दिनों अपने भक्तों और ध्याणियों की कुशलक्षेम पूछने के लिए गांव-गांव भ्रमण कर रही हैं।
बृहस्पतिवार को गोविंदघाट में ध्याणी (विवाहित बेटी) सुमेधा मेहता के घर पर मां अनसूया की नित्य पूजाएं संपन्न हुई। तीर्थ पुरोहित बलराम तिवारी और पुजारी विनोद सेमवाल ने मां नंदा का श्रृंगार कर शक्ति पूजा संपन्न की। मां अनसूया ने गोविंदघाट क्षेत्र में अपने भक्तों को दर्शन किए। भक्तों ने भी अपनी आराध्य देवी से मनौतियां मांगी। दोपहर बाद मां अनसूया ने जोशीमठ के मारवाड़ी गांव के लिए प्रस्थान किया। जगह-जगह अपने भक्तों को दर्शन देने के बाद मां की डोली शाम चार बजे मारवाड़ी पहुंची। दिवारा यात्रा समिति के महाप्रबंधक भगत सिंह बिष्ट ने बताया कि मां अनसूया जोशीमठ क्षेत्र में पांच दिनों तक प्रवास करेगी। इस मौके पर प्रबंधक हरेंद्र सिंह, ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद राणा, देवेंद्र बर्त्वाल, रविंद्र नेगी, प्रदीप बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, नवीन, आकाश, बृजमोहन रावत, महावीर राणा, विजय सिंह आदि मौजूद थे।
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