पटवारियों की हड़ताल पर, खनन माफिया मौज में

Chamoli Updated Tue, 28 Jan 2014 05:47 AM IST
कर्णप्रयाग। पटवारियों हड़ताल का असर यहां नदियों में भी देखने को मिल रहा है। अवैध खनन के खेल से नदी तट खोखले हो रहे हैं। हालात यह है कि रात खुलते ही अवैध खनन के ट्रक नदियों से निकल कर ठिकाने तक पहुंच रहे हैं। शिकायत के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई कभी-कभार छापा मारने तक सीमित है।
तहसील मुख्यालय पर पिंडर, अलकनंदा का संगम हो या सुभाषनगर का तटीय इलाका, आईटीआई के नीचे, कालेश्वर, जयकंडी, लंगासू, सिमली, बगोली, आदिबदरी सहित अन्य इलाकों में अवैध खनन का खुला खेल चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि राजस्व क्षेत्र पटवारियों के अधीन है। पटवारियों की हड़ताल के कारण अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन के पास फिलवक्त कोई व्यवस्था नहीं है।
नारायणबगड़ में पिंडर नदी में 17 किमी पर शासन ने खनन का पट्टा स्वीकृत है। लेकिन घोड़े और खच्चरों सहित नेपाली मजदूरों की मदद से लगातार नदियों से बिना अनुमति से रेत और पत्थरों का खनन किया जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र मिंगवाल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रशासन के प्रतिबंध की डर से जहां जरूरतमंदों को रेत, पत्थर नहीं मिल रहे हैं, वहीं बिचौलिये , ट्रांसपोर्टर सहित कुछ ठेकेदार निर्माण कार्यों के बहाने अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं।

इनका कहना है-
सड़क वाले इलाकों में तो बराबर रूटीन जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों की हड़ताल से समस्या हुई है। हो सकता है कि लोग घोड़े-खच्चरों की मदद से अवैध खनन को अंजाम दे रहे हों। जिसके लिए अब छापेमारी की जाएगी। -कुश्म चौहान उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग।

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