...तो सियार और जंगली जानवरों ने नोचा दफनाया शव!

Chamoli Updated Sun, 26 Jan 2014 05:48 AM IST
थराली। ग्रामीणों का बारहसिंगा के गड़े शव को निकालकर खाने के मामले में वन विभाग ने जांच पूरी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार बारहसिंगा के शव को ग्रामीणों ने नहीं बल्कि सियार और जंगली जानवरों ने नोचा था। विभाग ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाने के साथ ही शव के शेष हिस्से को दोबारा दफना कर फाइल बंद कर दी है।
20 जनवरी को चट्टान से गिरकर एक बारहसिंगा के बच्चे की मौत हो गई थी। वन विभाग के अधिकारियों ने इसे दफना दिया था। 21 जनवरी को बारहसिंगा के शव को ग्रामीणों की ओर से गड्ढे से निकालकर उसके मांस का प्रयोग करने की बात उछली थी। तब इसके लिए वन क्षेत्राधिकारी केएल भारती ने इस मामले में वन दारोगा मक्खन लाल और वन आरक्षी कैलाश जोशी को जांच सौंपी थी। अब जांच रिपोर्ट के अनुसार जहां बारहसिंगा का शव दफनाया गया था। वहां सियार और अन्य जंगली जानवरों के पंजों के निशान मिले हैं। अनुमान लगाया गया कि शव को जंगली जानवरों ने नोचा होगा। ग्रामीणों से पूछताछ में भी यही बात सामने आई है। इधर उप प्रभागीय वनाधिकारी आरएन श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे पास शव को जलाने के कोई निर्देश नहीं थे। जिस कारण शव में नमक और अन्य डिकंपोज मिलाकर अधिक गहराई में दफनाया दिया गया है।

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