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संघर्ष करने वाले गांव ही तहसील में शामिल नहीं

Chamoli Updated Mon, 11 Feb 2013 05:31 AM IST
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आदिबदरी। जिन गांवों के ग्रामीणों ने आदिबदरी तहसील के लिए संघर्ष किया, वही इसमें शामिल होने से वंचित हो गई। प्रमुख सचिव के हस्ताक्षरयुक्त आदिबदरी तहसील की अधिसूचना में 63 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें संघर्ष करने वाले गांवों के नाम न होने पर ग्रामीणों ने हैरत जताई है।
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प्रमुख सचिव ओम प्रकाश के हस्ताक्षयुक्त अधिसूचना के अनुसार आदिबदरी तहसील में 63 गांव शामिल किए गए है। इनमें दूरस्थ पुनगांव, विसौंणा, भटक्वाली, कफलोड़ी जैसे वे सभी गांव हैं, जो गैरसैंण ब्लाक के अंतर्गत आते हैं। लेकिन हैरत यह है कि जिन गांवों ने आदिबदरी तहसील के लिए बड़ी लड़ाई लड़ी वे सूची से ही गायब हैं। दूधातोली क्षेत्र के सिलपाटा, प्यूंरा, छिमटा, चोरड़ा ग्राम पंचायतों के गांवों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। तोप, सेम और जसपुर गांव भी सूची में नहीं हैं। गैरसैंण तहसील की सीमा पर स्थित मालसी और सिराणा गांव को पहले ही सूची में शामिल किया जा चुका है। इधर दूधातोली क्षेत्र की चार पंचायतों ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को पत्र लिखकर उन्हें आदिबदरी तहसील में शामिल करने की मांग की है।


कोट-
यह हैरत की बात है कि जो गांव वर्षों से आदिबदरी तहसील की मांग कर रहे थे, वे इसमें शामिल नहीं किए गए। वैसे जो गांव आदिबदरी तहसील में शामिल होने के इच्छुक है, वे ज्ञापन के माध्यम से राजस्व मंत्री के समक्ष मांग प्रस्तुत कर सकते हैं। - वृजयेश नवानी उपाध्यक्ष चांदपुर गढ़ी विकासखंड निर्माण संघर्ष समिति

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