योजना ट्रांसफर के खेल में उम्मीद चकनाचूर

Chamoli Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
कर्णप्रयाग। गांवों में ग्रामीणों के हलक तर करने को सरकारी मशीनरी किस कदर काम कर रही है। इसकी मिसाल पोखरी ब्लाक की तुंगेश्वर-खाल पेयजल योजना है। दस से ज्यादा गांवों को पानी देने वाली इस योजना का चार साल पहले पुनर्गठन किया जाना मंजूर हुआ था। फिर इसे अचानक चमोली से रुद्रप्रयाग पेयजल निगम के डिवीजन को ट्रांसफर कर दिया गया। ट्रांसफर का खेल चाहे जो रहा हो, मगर चार साल बाद भी योजना का पुनर्गठन नहीं हुआ है। संबंधित गांवों में पानी की परेशानी जस की तस है। लोगों की उम्मीद अब टूट गई है, कि यह पुनर्गठन योजना अब बन भी पाएगी या नहींद्घ


इन गांवों को मिलना था लाभ
वर्ष 2008-9 में पेयजल निगम ने पोखरी प्रखंड के पोखरी, देवर, देवरखाल, विनगड़, ऊड़ामांड़ा, कुजासू, पैंणी, खाल, सरमोला, सेमी, ग्वाड़ आदि गांवों के लिए तुंगनाथ-खाल पेयजल योजना का पुनर्गठन किया था। लगभग तीस करोड़ की लागत वाली 50 किमी से अधिक लंबी इस योजना को चमोली जल निगम ने दो साल पहले ही रुद्रप्रयाग जनपद के डिवीजन को ट्रांसफर किया। मगर किसी डिवीजन ने इस पर काम शुरू नहीं किया है।


इनका कहना है--
चार साल पहले क्षेत्र के कई गांवों के लिए तुंगनाथ-खाल पेयजल योजना का पुनर्गठन किया गया। पेयजल निगम ने उस समय सभी गांवों के प्रत्येक परिवार से 150-150 रुपये भी लिए थे, लेकिन योजना का निर्माण नहीं हो पाया। प्रशासन और विभाग को कई बार इस संबंध में अवगत भी करा दिया गया है।- वासुदेव गुसाई/विनोद खाली/बल्लभ बेंजवाल निवासी खाल


कोट---

यह योजना चार साल पहले बननी थी, मगर तत्कालीन विभागीय चीफ इंजीनियर ने योजना को रुद्रप्रयाग जनपद के लिए हस्तांतरित कर दिया, जिससे कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब पुन: योजना को वापस चमोली लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-- हरेंद्र बर्त्वाल सुपरवाइजर जल निगम चमोली (गोपेश्वर)

मुझे कार्यभार ग्रहण किए हुए 15 दिन हुए हैं। हां इतनी जानकारी है कि चमोली की कोई पेयजल योजना हमारे विभाग के पास है। संपूर्ण जानकारी हासिल करने के बाद ही इस संबंध में कुछ कह पाऊंगा। - आशाराम अधिशासी अभियंता जलनिगम रुद्रप्रयाग



क्वीलाखाल की पेयजल योजना दे गई जवाब
लोग अन्य स्रोतों से पानी ढोने को हैं मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रप्रयाग। जखोली की ग्राम पंचायत क्वीलाखाल में साढे़ तीन दशक पुरानी पेयजल योजना से सर्दियों में भी पानी कभी कभार ही टपक रहा है। ग्रामीणों को पेयजल संबंधी परेशानी का हल इस योजना से नहीं निकल पा रहा है। नलों पर पानी न चलने पर ग्रामीण गांव से डेढ़ किमी नीचे स्थित पेयजल स्रोत से पानी ला रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्वीलाखाल के लिए निर्मित योजना से अन्य गांवों को कनेक्शन देने के कारण पानी गांव तक नहीं पहुंचता है।
पेयजल आपूर्ति के लिए करीब 35 साल पूर्व चिरबटिया के समीप से क्वीलाखाल-आरुखर्क पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। शुुरू में तो इससे पानी ठीक-ठाक चला, लेकिन बाद में 17 किमी लंबी पाइप लाइन से अन्य गांवों को भी जोड़ दिया गया। स्थिति यह आई कि योजना के टेल पर स्थित क्वीलाखाल गांव में पानी पहुंचना बंद हो गया। ग्रामीण रामचंद्र मैठाणी के अनुसार, हम लोग गांव के डेढ़ किमी नीचे स्थित तलपंदेरा से पानी ला रहे हैं। पानी के भरे बर्तन खढ़ी चढ़ाई में ढोकर हमारी बहू-बेटियां परेशान हो गई हैं। पेयजल स्कीम सिर्फ हमारे गांव के लिए थी, लेकिन जल संस्थान ने अन्य गांवों को भी जोड़ दिया। जल संस्थान के सहायक अभियंता एनके कौशिक का कहना है कि संबंधित अवर अभियंता को योजना का निरीक्षण और ग्रामीणों से बात करने भेजा जाएगा। इसके बाद स्थिति सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।

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