विकलांगता को हराकर बने प्रेरणास्नोत

Chamoli Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
कर्णप्रयाग। ‘जिए तो क्या अपने लिए, ऐ दिल तू जी जमाने के लिए ..’ यह पंक्ति थराली के लोल्टी गांव निवासी विकलांग बृजमोहन सिंह नेगी की कर्मठता को बयां करती हैं। बचपन से पोलियो ग्रस्त नेगी ने हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के साथ ही बीस वर्ष की उम्र से विकलांगों के लिए कार्य करने का मन बना लिया था। आज वे शार्प विकलांग समिति का प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ ही पिंडरघाटी में महिलाओं को जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है। नेगी की लगन और कर्मठता को देखते हुए भारत सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 2008-09 में पुरस्कृत भी किया गया है।
पिंडरघाटी के तहसील मुख्यालय थराली से लगभग चार किमी दूर लोल्टी गांव निवासी खिलाफ सिंह नेगी की छह संतानों में सबसे छोटे बृजमोहन नेगी का जन्म 2 मार्च 1982 को हुआ। जन्म से पोलियोग्रस्त होने के कारण परिवार ने इलाज के लिए कई प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। शरीर से अक्षम होने के बावजूद बृजमोहन ने 19 वर्ष की उम्र से ही विकलांगों की सेवा करने की ठानी। शार्प विकलांग संस्था का गठन करते हुए उन्होंने थराली सहित जनपद चमोली में विकलांगों का चिह्नीकरण शुरू किया। उन्हें शासन से उपकरण, पेंशन, बीमा सुविधा आदि दिलाने का कार्य किया।

यूं मिली कार्य करने की प्रेरणा
बृजमोहन सिंह नेगी कहते हैं कि मैंने एक विकलांग के साथ कुछ लोगों को मारपीट करते हुए देखा, तो सोचा, कि मेरा परिवार मेरी देखरेख कर रहा है, लेकिन ऐसे और भी हैं, जिनको कोई देखने वाला नहीं है। मन में ठान लिया कि विकलांगों के लिए कुछ न कुछ करना है। वर्ष 2001 में मैंने शार्प विकलांग संस्था का गठन करते हुए विकलांगों का चिह्निकरण करना शुरू कर दिया था।

राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके बृजमोहन
बृजमोहन को विकलांगों के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यो के लिए वर्ष 2005-06 में उत्तराखंड सरकार ने उन्हें राज्यपाल के हाथों पुरस्कृत किया। वर्ष 2008-09 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय न्यास की ओर से राष्ट्रपति ने प्रमाणपत्र एवं नकद धनराशि देकर सम्मानित किया।

मेरी छह संतानों में बृजमोहन सबसे छोटा है। विकलांग होने के बावजूद भी उसकी कर्मठता देखकर हर्ष होता है। मेरा बेटा राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित हो चुका है, इससे बड़े गौरव की बात मेरे लिए क्या हो सकती है।
- खिलाफ सिंह, बृजमोहन के पिता

बृजमोहन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है। शारीरिक अक्षमता को मात देकर विकलांगों के साथ-साथ वह महिलाओं को भी जागरूक करने का कार्य कर रहा है। वर्ष 2003-08 में उसके प्रयासों से ही थराली में कुछ विकलांगों को आवासीय सुविधा भी प्राप्त हुई।
-सुशील रावत, पूर्व ब्लाक प्रमुख थराली

विकलांग दिवस का करेगें बहिष्कार
उत्तरकाशी। विकलांग कल्याण संघ की बैठक में विभिन्न समस्याआें को लेकर चर्चा की गई। साथ ही अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस का बहिष्कार का निर्णय लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह नेगी एवं सचिव गंगेश्वर भट्ट ने कहा कि संगठन अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलित है। लेकिन शासन विकलांगजनों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। जिससे विकलांगजन हताश और आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि शासनादेश के तहत समाज कल्याण विभाग जनपद में कमेटी का पुनर्गठन नहीं कर रहा है। जिससे विकलांगजनों की जनपद स्तरीय समस्याएं भी हल नहीं हो रही हैं। निर्णय लिया गया कि सोमवार को विकलांग दिवस का बहिष्कार किया जायगा। इस मौके पर रणवीर सिंह चौहान, गिरवीर सिंह राणा, गजेंद्र प्रसाद नौटियाल, अतर सिंह आदि मौजूद थे।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ के कपाट छह महीने के लिए हुए बंद

बद्रीनाथ में बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ के कपाट छह महीने के लिए बंद हो गए। यहां हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाके में भी देखने को मिला। इस बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है।

19 नवंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper